मंदी
मार्केट एक्स्पर्ट ‘हेमा गुप्ता’

कोरोना की वजह से चारो ओर त्राहि और मंदी का वातावरण छाया

हम सभी जानते है कि २०२० में कोरोना की वजह से अर्थव्यवस्था ने दम तोड़ रखा है, भुखमरी बढ़ रही हैं, महँगाई के दर २०१९ में ४.७६% से बढ़कर २०२० में ६.२% हो गई। बेरोज़गारी की बात करे तो २०१९ में ५.३६% से बढ़कर २०२१ में ६% से ऊपर बढ़ गयी। देश में अशांति का वातावरण बना हुआ है, कभी हम सीमाओ पर हुई समस्याओ से जूझ रहे है तो कभी अपने ही देश मे हो रहे कई प्रकार के आंदोलनों का सामना करना पड़ रहा है।

व्यापारिक जगत भी सहमा हुआ है और इस कोरोना की वजह से चारो ओर त्राहि और मंदी का वातावरण छाया हुआ है। परंतु हम रोज़ देखते है कि ‘शेयर मार्केट’ प्रतिदिन एक नई ऊंचाई को छू रहा है जबकि २०२० में विश्व के सभी बाजार कोरोना से इतने भयभीत हुए कि सभी बाज़ारों में एक बड़ी गिरावट देखने को मिली। निफ़्टी ने २४ मार्च २०२० को ७५११ के निचले स्तर को छुआ और वही धीरे धीरे रिकवर करके आज निफ्टी १५,५०० के लाइफ़ टाइम हाइ पर खड़ा है। अब जानना यह है कि ऐसा एक साल में क्या हुआ जो बाज़ार की तेज़ी इस मंदी के दोर में भी थम नही रही।

मार्केट एक्स्पर्ट ‘हेमा गुप्ता’ का कहना है कि कुछ ऐसे प्रमुख कारण है जो बाज़ार में तेज़ी बनाए हुए है जिसमें कि २०२० की हालत को देखते हुए सभी देशों ने अर्थव्यवस्था को सम्भालने के लिए बड़ी मात्रा में करेन्सी छापी जिसने बाज़ार को एक बड़ा सहारा दिया। मिस गुप्ता का कहना है जिस तरह से २०२० में अन्य देशों के मुक़ाबले हमने कोरोना पर एक बड़ी जीत हासिल की थी। उससे फ़ॉरेन इन्वेस्टर्ज़ का हमारे देश में बढ़ते हुए भरोसे ने स्टॉक मार्केट में जान डाल दी। विदेशों से एक बड़ा निवेश भारत में आया जिसको देखकर बड़ी कंपनियो और निवेशकों को एक भरोसा मिला जिससे बाज़ार को एक रफ़्तार मिली।

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मार्केट एक्स्पर्ट ‘हेमा गुप्ता’
अर्थववस्था को सम्भालने के लिए ८ ट्रिल्यन डॉलर का प्रोत्साहन पैकिज

पिछले एक साल में सभी देशों की सरकारों ने अर्थववस्था को सम्भालने के लिए ८ ट्रिल्यन डॉलर का प्रोत्साहन पैकिज घोषित किया जिससे मार्केट को एक बड़ा उछाल मिला। मिस गुप्ता ने कहा इस बात को भी नज़रंदाज़ नही किया जा सकता कि इस साल हमारे बजट की सिर्फ़ हिंदुस्तान ने ही नही बल्कि अन्य देशों ने भी सरहाना की। मार्किट एक्सपर्ट हेमा गुप्ता का कहना है कि महंगाई का दर बढ़ना भी एक बहुत बड़ा कारण है मार्किट ऊपर जाने का, हमने देखा सभी खाने पीने की वस्तुओं, सर्विस इन्डस्ट्री, आईटी इंडस्ट्री, और चिकित्सा से जुड़े क्षेत्र, इन सभी के दाम बढ़ने से बड़ी कंपनियों ने कुछ ही समय मे बड़ा मुनाफा बनाया जिससे भी बाजार को सहारा मिला।

अब स्टॉक मार्केट को नई ऊंचाई पर ले जाने का काम किया लोकडाउन ने जहाँ लोगो के काम धंदे बंद हुए वहां लोगो ने कमाने के लिए स्टॉक मार्केट का सहारा लिया। सेंट्रल डिपाजिटरी सिक्योरिटीज लिमिटिड का कहना है कि २०२० की जनवरी से अगस्त तक 50 लाख से ज्यादा डिमैट एकाउंट खुले जबकि २०१५ सिंतबर से २०२० जनवरी तक ५ वर्षो में एक करोड़ डिमैट एकाउंट ही खुले थे।

इसी वजह से सीडीसल का शेयर ने रफतार पकड़ी और एक साल में १८० से बढ़कर ९८६ तक बढ़ा। नए निवेशक बाजार में उतरे जिन्हें सिर्फ खरीदना ही आता था और उन्होंने जमकर पैसा बनाया, जिससे इतने हालात खराब होते हुए भी बाजार ने अपनी तेज़ी को बरकरार रखा। बचा कूचा काम वैक्सीन की उम्मीद ने किया जिसने लोगो के मनोबल को टूटने नही दिया। लोग आशावादी होते चले गए, बाजार बढ़ता चला गया|

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