ब्रह्मपुत्रचीन, डोकलाम विवाद सुलझने के बाद अब भारत को पानी के लिए परेशान करने की फिराक में हैं. चीन ने ब्रह्मपुत्र नदी का पानी भारत में आने से रोकने के लिए एक खास प्लान बनाया हैं. बताया जा रहा हैं कि चीन के इंजीनियर ऐसी तकनीकों का परीक्षण कर रहे हैं, जिनका इस्तेमाल ब्रह्मपुत्र नदी के जल प्रवाह को अरुणाचल प्रदेश की सीमा से लगे तिब्बत से शिनजियांग की तरफ मोड़ने के लिए हज़ार किलोमीटर लंबी सुरंग बनाने में किया जा सकता हैं.

हांगकांग के अखबार ‘साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट’ के अनुसार इस कदम से ‘शिनजियांग के कैलीफोर्निया में तब्दील होने’ की उम्मीद हैं. इस कदम से पर्यावरण में चिंता पैदा हो गई हैं क्योंकि इसका हिमालय के क्षेत्र पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता हैं और वही डोकलाम विवाद को बातचीत से सुलझाने वाले पीएम नरेंद्र मोदी की सरकार ब्रह्मपुत्र नदी के मुद्दे पर क्या कदम उठती हैं. यह प्रस्तावित सुरंग चीन के सबसे बड़े प्रशासनिक क्षेत्र को पानी मुहैया कराने का काम करेगी.

दक्षिणी तिब्बत की यारलुंग सांगपो नदी यानी ब्रह्मपुत्र के जल प्रवाह को शिनजियांग के ताकालाकान रेगिस्तान की तरफ मोड़ा जाएगा. ब्रह्मपुत्र नदी पर चीन की ओर से कई बांध बनाए जाने को लेकर भारत बीजिंग को अपनी चिंताओं से अवगत करा चुका हैं. तिब्बत-शिनजियांग जल सुरंग के प्रस्ताव का मसौदा तैयार करने में सहायक रहे शोधकर्ता वांग वेई ने कहा कि शोध कार्य में १०० से अधिक वैज्ञानिकों के अलग अलग दल बनाए गए| खबर जी न्यूज़

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