नायडू

आज गाजियाबाद स्थित राष्ट्रीय दूरसंचार नीति शोध, नवप्रवर्तन एवं प्रशिक्षण संस्थान में भारतीय दूरसंचार सेवा २०१५ बैच के प्रशिक्षु अधिकारियों से बातचीत के दौरान उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने कहा कि तकनीक का प्रयोग मानवता के उत्थान के लिए होना चाहिए. उपराष्ट्रपति ने कहा कि हमारे देश का भविष्य डिजिटल भारत हैं और हमें लोगों की आकांक्षाओं पर खरा उतरने के लिए स्वयं को तैयार करना होगा. उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक से ऑनलाइन सेवाएं मुहैया होनी चाहिए और ये सेवाएं विलंब और दुरुपयोग मुक्त होनी चाहिए.

हमारे लिए ऑनलाइन सेवा को अपनाने का समय आ गया हैं, अन्यथा हम कतार में खड़े रहेंगे. वेंकैया नायडू ने कहा कि सरकार देश के बेरोजगार युवाओं के लिए स्टैंड-अप इंडिया, स्टार्ट-अप इंडिया, डिजिटल इंडिया, इनक्यूबेशन, इनोवेशन जैसे कई कदम उठा रही है और हमें सरकार द्वारा शुरू किए गए इन कार्यक्रमों से लाभ उठाना चाहिए और साबित करना चाहिए कि हम नौकरी तलाशने वाले नहीं, बल्कि नौकरी देने वाले हैं. उन्होंने कहा कि दुनिया पहले से बेहतर हो गई हैं और आज प्रत्येक व्यक्ति एलपीजी यानि उदारीकरण, निजीकरण और वैश्वीकरण के दौर में हैं.

वेंकैया नायडू ने यूरिया के दुरुपयोग को रोकने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नीम-कोट के आइडिया का हवाला देते हुए प्रशिक्षुओं से नवीन विचारों के सृजन करने का आह्वान किया. नायडू ने सरकार की प्रत्यक्ष लाभ अंतरण, जन धन-आधार-मोबाइल जैसी पहलों का हवाला देते हुए कहा कि इनकी मदद से छात्रवृत्ति, पेंशन, क्षतिपूर्ति आदि अविलंब और भ्रष्टाचार मुक्त तरीके से लाभार्थियों तक पहुंच रही और हमारे पास जो भी आधुनिक तकनीक हैं उससे मानवता का कल्याण होना चाहिए|

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