इनकम टैक्सपिछले वर्ष ८ नवम्बर की रात लागू हुई नोटबंदी के दौरान कैश डिपॉजिट करने वाले साढ़े पाँच लाख से अधिक लोगों को जल्द ही इनकम टैक्स डिपार्टमेंट से कॉल आयेगा और इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की नजर उन एक लाख लोगों पर भी हैं जिन्होंने अपने सभी बैंक एकाउंट्स का खुलासा नहीं किया था.

“ऑपरेशन क्लीन मनी” के दूसरे चरण में टैक्स डिपार्टमेंट इन लोगों से ऐसे कैश डिपॉजिट के बारे में जानकारी देने के लिए कह रहा हैं जो उनकी आमदनी से मेल नहीं खाता. सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेज के एक वरिष्ठ अधिकारी ने इनकम टैक्स को बताया की हमारे पास संदिग्ध ट्रांजैक्शंस का नया डेटा आया हैं और हमने ऐसे साढ़े पाँच लाख से अधिक लोगों को ईमेल और एसएमएस भेजने शुरू कर दिए हैं

जिनका टैक्स प्रोफाइल जमा किए गए कैश से मेल नहीं खाता.’ इनकम टैक्स अधिकारी अधिक जोखिम वाले क्लस्टर्स, शेल कंपनियों और बेनामी संपत्तियों की पहचान करने के लिए डेटा एनालिटिक्स की मदद ले रहे हैं इसके साथ ही टैक्स डिपार्टमेंट ने एक लाख से अधिक ऐसे व्यक्तियों की भी पहचान की जिन्होंने ऑपरेशन क्लीन मनी के पहले चरण में अपने सभी बैंक एकाउंट्स का खुलासा नहीं किया था.

नोटबंदी के दौरान दो लाख रुपये से अधिक का कैश डिपॉजिट करने वालों को इस वर्ष इनकम टैक्स रिटर्न में इसकी जानकारी देनी होगी और इनकम टैक्स डिपार्टमेंट इस जानकारी को डिटेल्स के साथ मिलाकर यह देखेगा कि इसमें कुछ गड़बड़ी तो नहीं हांलाकि सरकार ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना, २०१६ के तहत लोगों को अघोषित नकदी का खुलासा करने का अंतिम मौका भी दिया था.

इस योजना के तहत घोषणा करने वालों को घोषित की गई रकम का ५०% टैक्स और पेनल्टी के तौर पर देना था और २५% चार वर्षों के लिए एक बिना इंटरेस्ट वाले डिपॉजिट में जमा कराना था और इस योजना के तहत भी कुल लगभग ५,००० करोड़ रुपये की रकम घोषित की गई थी| खबर इकनामिक टाइम्स

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