दीवारों पर दस्तक देते रहिएगा, दीवारों में दरवाजे बन जायेंगे : आस्था नन्दा पाठक (आई.आर.ए.एस)

यू तो आज हाथो हाथ सोशल मीडिया का बसेरा हैं पर कौन उसका कितना सही उपयोग करता हैं इसके बारे में हमारे साहित्य अंक के एक किताब में इसका वर्णन भी हैं तो इसी सोशल हो रही दुनिया को ध्यान में रखते हुए देवरिया स्थित पकड़ी वीर भद्र गाँव के रहने वाले आस्था नन्दा पाठक जी जिनका नाम आज भारत के लोक सेवाओं के अधिकारियों में गिनाया जाता हैं इन्हों ने गाँव से १४ किलोमीटर की दुरी पर स्थित बुद्ध सनातकोत्तर महाविद्यालय से अपनी सनातक डिग्री हासिल की फिर दिल्ली पहुच अपनी लोक परीक्षाओं की तैयारिओं को गतिवान किया और अपने अथक प्रयास से लोक सेवाओं में चयनित हो २०१० बैच के आई.ए.एस अधिकारिओं में अपना नाम दर्ज करा दिया और वर्तमान में लखनऊ मंडल के वित्त प्रबंधक के पद पर विराजमान श्री पाठक और वही से लोक सेवाओं की तैयारी कर रहे अभ्यार्थियों को एक अनमोल तोफा दिया हैं उन्होंने अपने व्यस्त दिनचर्या से समय निकाल फसबूक के जरिये लोक सेवाओं में चयनित अभ्यार्थी जिन्हें अब लोक सेवा परीक्षा का सबसे अंतिम व अहम पडाव पार करना हैं उनका बखूबी मार्गदर्शन किया हैं श्री पाठक ने उन्होंने लाइव विडियो के जरिए कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपनी राय व सुझाव प्रकट किए की कैसे तैयारी हो किन खामियों को दूर करे किन्पे ध्यान दे और किसे सुधारे व इंटरव्यू के दौरान सहज बने रहे उनके साझा किए हुए अनुभवों के हर भाग को आप इन लिंक्स पर देख सकते हैं |

श्री पाठक की सभी बाते विस्तारपूर्वक 

विडियो का प्रथम भाग का लिंक 

विडियो का द्रितीय भाग का लिंक

विडियो का तृतीय भाग का लिंक

उम्मीद हैं यहाँ आपको कुछ तो महत्वपूर्ण जानकारिया जरुर मिलेगी जो आपकी सफलता की कड़ी का हिस्सा बनेगी |

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