शराब राज्य को नशा मुक्त बनाने के लिए मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एक संबोधन के दौरान महिलाओं से ये अपील कर दी कि जो भी आदिवासी शराब पीकर घर आए उसे वे खाना न दें और उसे बाहर निकाल दें. सीएम शिवराज ने ये बात शिवपुरी में एक दिवसीय प्रवास पर कोलारस के उत्कृष्ट स्कूल में होने वाले सहरिया कार्यक्रम में भाग लेने के दौरान कही. मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि, मर्द घर में शराब पीकर आता हैं तो घर की महिलाएं उनको रोटी न दें, उनसे कहें की वे शराब छोड़ दें. तब जाकर नशामुक्ति अभियान की सच्ची शुरूआत होगी. इसी के साथ लोगों के जीवन में शराब को लेकर जागृति और फिर खुशहाली आएगी.

इससे पहले सीएम शिवराज ने सोमवार को भी लोगों से नशा छोड़ने की मांग की थी. सोमवार को कराहल में आयोजित कुपोषण के विरुद्घ कार्यक्रम में उन्होंने कहा, मैं मुख्यमंत्री पूरी जनता का हूं लेकिन, सबसे पहले आदिवासी व गरीबों की सुनूंगा. उन्होंने आगे कहा, मैंने बहुत कुछ दिया हैं और जो मांगोगे वह भी दूंगा लेकिन, उसके बदले में मुझे भी कुछ चाहिए. मुझसे वादा करो कि कोई भी शराब नहीं पीएगा. कोई भी अपनी जमीन नहीं बेचेगा. सीएम ने लोगों से ये भी वचन मांगा कि वे हर बच्चे को स्कूल भेजेंगे. बाल विवाह नहीं होंगे और बच्चों के बीमार होने के झाड़-फूंक नहीं कराएंगे बल्कि बीमार बच्चे को सीधे अस्पताल ले जाएंगे| खबर जी न्यूज़

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