[metaslider id=1264]
ललका गुलाब मैड मंकी प्रोडक्शन और आखर भोजपुरी द्वारा प्रस्तुत, अमित मिश्र के निर्देशन में बनी फिल्म, एक सच्ची वास्तविकता पर आधारित और भोजपुरी सुगंध से सनी, संस्कृतियों को झलकाती मनोरम शार्ट फ़िल्म, कहानी हैं पराये मुल्क में रह रहे एक २९ वर्षीय लड़के की जो अपने बीते बचपन को याद कर कुछ अनसुलझी पहेलियों को सुलझाने की कोशिश करता हैं फ़िल्म शुरू होती हैं उस लड़के की सोच से की मृत्यु कभी कोई जात, धर्म और भाषा देख के नहीं आती, फ़िल्म की कहानी बया करती हैं एक बाबा और पोते के प्रेम को फ़िल्म दर्शाती हैं.
एक व्यक्ति के उसकी अजीवित अर्धांगिनी के प्रति प्रबल प्रेम को जो अपनी जीवन संगनी के जाने के बाद खुद को अकेला महसूस करता हैं और कही न कही उसके चले जाने का दुख उसे कचोटता हैं बात करे फिल्मांकन की तो बड़ी ही सहजता से रची गया हैं फ़िल्म, मेरी समझ से किसी भी प्रान्त का कोई भी भाषी इस फ़िल्म का देख के इसकी गहराई भाप सकता हैं फ़िल्म में मधुर ध्वनि निर्गुण में अपनी आवाज़ दे इसे और भी अप्रतिम बना दिया हैं मेघा श्रीराम ने और फ़िल्म के कलाकारों ने तो जैसे फ़िल्म में जान फूंक के रख दी हैं और भी बहुत कुछ कह रही हैं कहानी बोल रही हैं कहानी इस लिंक पर कहानी देख आप खुद आकलन करे और बताएं फिल्म कैसी हैं |
स्टार : ****
अवधी : १५ मिनट ९ सेकंड
निर्देशक : अमित मिश्र
कहानी : अश्विनी रूद्र

1 COMMENT

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here