नीरव

पीएनबी के पूर्व डिप्टी मैनेजर गोकुलनाथ शेट्टी सहित दो और अन्य लोगों को पीएनबी घोटाला  मामले में गिरफ्तार किया गया हैं. जिसमें नीरव मोदी ग्रुप का हेमंत भट्ट और पीएनबी कर्मचारी मनोज खरट शामिल हैं. गोकुलनाथ शेट्टी पर बिना गारंटी लोन देने का आरोप हैं. पीएनबी घोटाले का मास्टरमाइंड गोकुलनाथ शेट्टी ही हैं. आज इन सभी को सीबीआई अदालत में पेश किया गया और उधर इस मामले की जांच में परत दर परत खुलती जा रही हैं.

एक ओर जहां कांग्रेस केंद्र सरकार को घेरने में कोई कोताही नहीं बरत रही हैं तो दूसरी ओर से पीएनबी के एक पूर्व निदेशक दिनेश दुबे ने कहा हैं कि यूपीए सरकार चाहती तो इस घोटाले को रोक सकती थी. दुबे ने बताया कि गीतांजलि जेम्स को लेकर उन्होंने साल २०१३ में केंद्र सरकार और आरबीआई को पत्र लिख कर अगाह किया था कि पहले समूह १५०० करोड़ रुपये का लोन चुकाए लेकिन इसके बाद उनके ऊपर दबाव पड़ने लगा और इस्तीफा दे दिया.

फिलहाल इस मामले में गोकुलनाथ शेट्टी की गिरफ्तारी के बाद माना जा रहा हैं कि कई बड़े खुलासे पूछताछ में हो सकते हैं. गौरतलब हैं कि अब तक २० के करीब पीएनबी के कर्मचारियों पर कार्रवाई हो चुकी हैं. उधर नीरव मोदी की तलाश में सीबीआई ने इंटरपोल से भी मदद मांगी हैं| खबर एनडीटीवी इंडिया

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