उद्योगपतियों

उद्योगपतियों की मदद करने का लगातार आरोप कांग्रेस की ओर से केंद्र सरकार पर लगने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद पलटवार किया हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने औद्योगिक संगठन फिक्की के मंच से उद्योगपतियों और यूपीए सरकार के गठजोड़ का आरोप लगाया हैं. पीएम मोदी ने बुधवार को कहा जब सरकार में बैठे कुछ लोगों की ओर से बैंकों पर दबावा डाल कर कुछ विशेष उद्योगपतियों को लोन दिलवाया जा रहा था, तब फिक्की जैसी संस्थाएं क्या कर रही थीं? पीएम मोदी ने कहा कि एनपीए की समस्या पिछली सरकारों की देन हैं. बैंकों पर कुछ खास उद्योगपतियों को कर्ज देने के लिए दबाव डाला गया.

उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों ने बैंकों पर उद्योगपतियों को हजारों करोड़ रुपये का ऋण देने के लिए दबाव डाला. पीएम नरेंद्र मोदी ने उद्योग जगत और राजनीतिक दलों से जनता की आकांक्षाएं पूरा करने का आह्वान किया, जो भ्रष्टाचार और काले धन से निजात चाहती हैं मुद्रा योजना के तहत ९.७५ लाख युवाओं को रोजगार के लिए बिना गारंटी के चार लाख करोड़ रुपये से अधिक के ऋण दिये गये हैं पूर्ववर्ती संप्रग सरकार के कार्यकाल में चुनिंदा उद्योगपतियों को बैंक ऋण जनता के पैसे की लूट यह राष्ट्रमंडल खेल, २जी और कोयला घोटाले से भी बड़ा घोटाला हैं.

भाषण के दौरान मोदी ने कहा, सरकार इस लक्ष्य पर काम कर रही हैं कि २०२२ तक देश के गरीब के पास अपना घर हो. इसके लिए लाखों घरों का निर्माण किया जा रहा हैं. पिछले ३ वर्षों में २१ सेक्टरों से जुड़े ८७ छोटे-बड़े रिफोर्म किए गए हैं. पीएम ने कहा, क्यों ऐसा हुआ कि बिल्डरों की मनमानी की खबर पहले की सरकार तक नहीं पहुंची. जिंदगी भर की कमाई बिल्डर को देने के बाद भी घर नहीं मिल रहे थे. उन्होंने कहा, साथियों, ऐसी बहुत सी वजहें थीं जिनकी वजह से हमारा देश पिछली शताब्दी में औद्योगिक क्रांति का पूरी तरह लाभ नहीं उठा पाया. आज बहुत सी वजहें हैं, जिसकी वजह से भारत एक नई क्रांति की शुरुआत कर सकता हैं| खबर जी न्यूज़

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here