कॉमनवेल्थइस वर्ष फरवरी में ऑस्ट्रेलिया के विभिन्न शहरों में आयोजित होने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स २०१८ भोजपुरी के लिए सबसे अहम साबित होगा. कॉमनवेल्थ गेम्स के आयोजकों ने ब्रिसबेन क्वींसलैंड गोल्ड कोस्ट में होने वाले समापन समारोह के लिए भोजपुरी की प्राख्यात अंतरराष्ट्रीय लोक गायिका कल्पना पटोवारी को आमंत्रित किया गया हैं. इस अवसर पर वे बिहार के शेक्सपीयर भिखारी ठाकुर के लोक संगीत को प्रस्तुत करेंगी और साथ ही वह आसाम के लोक संगीत भी गायेंगी. इसकी जानकारी कल्पना ने एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान दी. उन्होंने बताया कि यह उनके लिए चौथा अवसर हैं जब भोजपुरी गीत-संगीत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुत करने का अवसर मिला हैं. इससे पहले ‘द लीगेशी ऑफ भिखारी ठाकुर’ को मॉरीशस में वहां के प्रधानमंत्री ने लोकार्पित किया था. इसके बाद लैटिन अमेरिका और नार्वे में उन्होंने भिखारी ठाकुर के गीतों को प्रस्तुत किया. कल्पना ने बताया कि आज के दौर में भोजपुरी लोक संगीत की प्रासंगिकता बढी हैं और इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहा जा रहा हैं.

कॉमनवेल्थ गेम्स के समारोह में इसे प्रस्तुत कर वह गौरवान्वित महसूस करेंगी. उल्लेखनीय हैं कि कल्पना पटोवारी मूल रूप से असम की रहने वाली हैं. भोजपुरी गीत संगीत से उनका जुड़ाव २००२ में हुआ जब मशहूर म्यूजिक कंपनी टी सीरिज ने उन्हें लॉन्च किया. प्रारंभिक दिनों में बाबा बैद्यनाथ को समर्पित एल्बम ‘भंगिया ना पिसाई ए गणेश के पापा’ और पचरा गीत एल्बम भैरो जी के दिदिया’ ने उन्हें पूरे भोजपुर अंचल में लोकप्रिय बना दिया. कल्पना ने कई सोलो एल्बम जैसे ‘गवनवा ले जा राजा जी’ के जरिए भी लोगों के दिल में जगह बनाई और उन्होंने अबतक ३० भाषाओं में दस हजार से अधिक गीतों को अपनी आवाज दी हैं. कल्पना ने बताया की कॉमनवेल्थ गेम्स के समापन समारोह के दौरान वह भिखारी ठाकुर की रचनाओं को प्रस्तुत करेंगी.

भिखारी ठाकुर को अपना आदर्श मानते हुए उन्होंने बताया कि भूपेन हजारिका के लोक संगीत ने उनकी परिवरिश की और यही वजह रही की भोजपुरी गीत-संगीत में उन्होंने भोजपुरी में भूपेन हजारिका के सामाजिक सरोकार और चिंतन की तलाश शुरू की. आरा के बखोरापुर काली मंदिर में एक कार्यक्रम के दौरान उनकी मुलाकात रामाज्ञा राम से हुई जो भिखारी ठाकुर के नाच मंडली के सदस्य थे. कल्पना ने बताया कि यहीं से भिखारी ठाकुर के साथ उनका संबंध बना जिसकी परिणति ‘द लीगेशी ऑफ भिखारी ठाकुर’ के रूप में २०१२ में हुई. उन्होंने यह भी बताया कि हाल ही में ‘एंथोलॉजी और बिरहा’ जारी की गई हैं. यह म्यूजिक एल्बम बिरहा के विभिन्न स्वरूपों पर केंद्रित हैं.

अश्लीलता से जुड़े एक प्रश्न के जवाब में कल्पना ने कहा कि जो लोग भोजपुरी गीत संगीत में अश्लीलता की बात करते हैं, इसकी आलोचना करते हैं, उन्हें आगे बढ़कर सृजनात्मक कार्यों के जरिए भोजपुरी को समृद्ध करना चाहिए. यदि वे ऐसा नहीं करते हैं तो इसका सीधा मतलब यह हैं कि वह भोजपुरी को सीमित कर खत्म कर देना चाहते हैं. उन्होंने केंद्र सरकार के संगीत नाटक अकादमी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अकादमी द्वारा भिखारी ठाकुर की जयंती के मौके पर उनके पैतृक गांव कुतुबपुर में कार्यक्रम का आयोजन किया जाना भोजपुरी के इतिहास में महत्वपूर्ण अध्याय हैं और इस आयोजन में शामिल होकर उन्होंने गौरव का अनुभव किया. इस आयोजन से भोजपुरी को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल होने की संभावना बढ़ गई हैं|

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