पतंजलि डिटॉल बनाने वाली कंपनी रैकिट बेनकीजर द्वारा केस दायर करने के बाद दिल्ली हाई कोर्ट ने पतंजलि आयुर्वेद के एक विज्ञापन पर रोक लगा दी हैं. इसमें आरोप लगाया गया था कि बाबा रामदेव की कंपनी का यह विज्ञापन रैकिट के डेटॉल ब्रैंड की छवि खराब करता हैं और इससे पहले ‘एचयूएल’ भी इस ऐड पर रोक लगवा चुका हैं. रैकिट बेनकीजर के मुताबिक, विज्ञापन में ऐसे साबुन को दिखाया गया हैं, जो शेप, साइज और कलर में उसके प्रॉडक्ट जैसा हैं और साथ ही, इसे ‘ढिटॉल’ बताया गया हैं.

रैकिट की वकील नैन्सी रॉय ने बताया, ‘अदालत ने इस विज्ञापन पर अंतरिम रोक लगा दी हैं और ‘ रॉय बताती हैं की पतंजलि ने शुरू में इस ऐड को यूट्यूब को अपलोड किया और इसके बाद आयुर्वेद कंपनी ने रविवार को इस कमर्शल का प्रसारण किया और तो और पतंजलि ने इस सिलसिले में भेजी गई ईमेल का भी जवाब नहीं दिया. इससे पहले बॉम्बे हाई कोर्ट हिंदुस्तान यूनिलीवर की याचिका पर सुनवाई करते हुए पतंजलि के इस ऐड पर अगली सुनवाई तक बैन लगा चुका हैं. ऐड में ‘एचयूएल’ के साबुन ब्रैंड्स लक्स, पेयर्स, लाइफबॉय और डव का नाम न लेकर अप्रत्यक्ष तरीके से उपभोक्ताओं को कहा हैं कि ‘केमिकल बेस्ड साबुनों’ का प्रयोग न करें और प्राकृतिक अपनाएं. पतंजलि का यह ऐड २ सितंबर से प्रसारित किया जा रहा था| खबर इकनॉमिक टाइम्स

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