अभिषेक शर्मा की कलम से [metaslider id=1839]

सावन कहा जाता हैं की इस पावन महीने में भोलेनाथ के दर्शन व जलाभिषेक करने से सभी मनोकामना पूर्ण होती हैं और आज से सुरु हो चूका भोलेनाथ, अवघडदानी को सम्पर्पित पावन माह सावन. जब सभी देव शयन को चले जाते तो बमभोला शिव सारनाथ स्थित अपने साले सारंगनाथ के यहां सावन का आनन्द लेने चल देते भोले के शिवलिंग का जलाभिषेक करने को दो तरह के कांवरिये आते हैं, पहला बोल बम और दूसरा डाक बम. 

इनकी सहज पहचान कपड़ों से होती है जैसे कि डाकबम कांवरिये कभी रुकते नही (कभी कभार दौड़कर भी) और सीधे जल लेकर कोसों का सफर कर शिव को जलाभिषेक करते हैं साथ ही इनका ड्रेस सफेद रंग का होता हैं. दूसरे बोल बम कांवरिये भगवा रंग का ड्रेस पहनते हैं और यह रुकते सुस्ताते आराम से जल भरकर शिव के दर्शन को जाते हैं.

काशी विश्वनाथ जैसे पूरब के प्रसिद्ध मंदिरों में भी दर्शन की कई कोटियां होती हैं डाकबम बिना रुके मंदिर में घुसते हैं जिनको दर्शन में प्राथमिकता मिलती हैं. जबकि शेष भक्तो को इनके बाद ही दर्शन और जलाभिषेक की अनुमति होती हैं. सावन का यह माह जलजला और जलाजल की भी नेमत लाता हैं जिसे शिव को जटाओं में थामना बखूबी आता हैं लिहाजा सावन का शिव से यह सीधा संवाद का भी माह हैं. तो पूरे माह भर शिव ही शिव बोल बम हर हर महादेव

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