एयर इंडिया एयर इंडिया के आधिकारिक सूत्रों के हवाले से आई जानकारी के अनुसार यदि सरकार को उपयुक्त खरीदार मिलता हैं तो एयर इंडिया को चालू वित्त वर्ष में ही बेच सकती हैं. खबर ये भी हैं की सरकार को विनिवेश लक्ष्य भी पूरा होने की उम्मीद हैं क्योंकि कई कंपनियों का विनिवेश होना हैं. जीआईसी, न्यू इंडिया एश्योरेंस समेत विभिन्न कंपनियों के आईपीओ आने हैं.

वहीं पवन हंस और एनपीसीआईएल में रणनीतिक विनिवेश से ७२,५०० करोड़ रुपये के महत्वकांक्षी लक्ष्य को पूरा करने में मदद मिलेगी. गौरतलब हैं कि विमान कंपनी एयर इंडिया की बाजार हिस्सेदारी सिर्फ १४ फीसदी ही रह गई हैं और इसका ऋण भार ५०,००० करोड़ रुपए का हो गया हैं. वहीं एचपीसीएल और ओएनजीसी के विलय से भी सरकारी खजाना बढ़ेगा. इससे पहले वित्त मंत्री अरुण जेटली की अध्यक्षता वाली एक मंत्री स्तरीय समिति ने सार्वजनिक क्षेत्र की विभिन्न कंपनियों में रणनीतिक विनिवेश के मामले में प्रगति की समीक्षा की.

बैठक में रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण, नागर विमानन मंत्री अशोक गजपित राजू, शहरी विकास मंत्री हरदीप सिंह पुरी, रेल मंत्री पीयूष गोयल, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री सुरेश प्रभु, रसायन एवं उर्वरक मंत्री अनंत कुमार और भारी उद्योग मंत्री अनंत गीते ने भाग लिया| खबर जी न्यूज़

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