एनईईटी

कल ७ मई को मेडिकल कॉलेजों में दाखिले के लिए नेशनल एलिजिबिलिटी एंट्रेंस टेस्ट (एनईईटी २०१७) की परीक्षा हुई, परीक्षा के लिए १०४  शहरों में परीक्षा केन्द्र बनाए गए जहां ११ लाख से ज्यादा कैंडिडेट्स ने परीक्षा दी परीक्षा में चीटिंग न हो इसके लिए बेहद सख़्ती से ड्रेस कोड लागू किया गया. लेकिन जिस तरह की अपमानजनक कार्रवाई केरल के कन्नूर में हुई वो हैरान करने वाली है. यहां परीक्षा देने आई एक लड़की को परीक्षा में बैठने से पहले उनके अंतर्वस्त्र तक उतरवा दिए और बहुतों को जींस पहनकर भी एग्जाम सेंटर में नहीं जाने दिया गया.

ये बेहद शर्मशार करने वाली बात हर काम की एक सीमा होती है तो क्या इन अफसरों की कोई सीमा या मर्यादा नहीं थी जिन्होंने इन लड़कियों के साथ ऐसी बदसलूकी की माना की नकल रोकने के लिए सख्त कदम उठाने चाहिए मगर क्या उन्हें इससे परे कोई उपाय ना सुझा वस्त्र उतरवाए जाने से परेशान लड़कियों ने मीडिया को बताया कि परीक्षा केंद्र अधिकारियों ने उससे अंतर्वस्त्र उतारने को कहा एक लड़की की मां ने बताया की ‘मेरी बेटी एग्जाम सेंटर में गई और कुछ ही देर में वह लौट आई और उसने मुझे अपने अंतर्वस्त्र दिए वो उससे सिर्फ इसलिए उतरवाइ गई क्योंकि उसमें मेटल का हुक लगा था

इसके साथ ही एग्जाम सेंटर पे डार्क कलर के कपड़े पहनने की भी मनाही थी एक दूसरी कैंडिडेट जिसके जींस की जेब में मेटल बटन होने के कारण जींस उतरवा दी गई एग्जाम दिलाने आए एक शख्स का कहना ‘मैं एक ऐसी मुस्लिम फैमिली को जानता हूं, जिसने परीक्षार्थियों को पहनने के लिए टॉप दिए. लेकिन उस वक़्त स्थिति और ख़राब हुई जब एग्जाम सेंटर के अफसरों ने पूरी आस्तीन वाला टॉप पहनकर भी लड़कियों को परीक्षा में नहीं बैठने दिया ऐसे में जिन्होंने पूरी आस्तीन वाले टॉप पहने थे उन्हें आस्तीन काटकर आधी करनी पड़ी | खबर लल्लन टॉप

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