श्रीलंका पूर्व जनरल वी के सिंह ने गुरुवार को राज्यसभा में यह जानकारी दी कि करीब ५३७ भारतीय मछुआरे पाकिस्तान की हिरासत में और १४४ श्रीलंका की हिरासत में हैं. उन्होंने यह भी बताया कि भारतीय मछुआरों की करीब १००० नौकाएं पाकिस्तान और १६० नौकाएं श्रीलंका के कब्जे में हैं. उन्होंने बताया कि भारत और पाकिस्तान के बीच द्विपक्षीय संबंधों में गतिरोध भारतीय मछुआरों की रिहाई और उनकी वापसी में एक बड़ी बाधा हैं.

बहरहाल, द्विपक्षीय वार्ता तंत्र न होने के बावजूद दोनों पक्षों ने २०१७ में कई मछुआरों को छोड़ा हैं. उन्होंने बताया की हमने ३४५ भारतीय मछुआरों को सफलतापूर्वक रिहा कराया जिनमें पिछले छह माह में रिहा हुए २४५ भारतीय मछुआरे शामिल हैं.

सिंह ने बताया कि साल २०१७ में श्रीलंका की हिरासत से सतत राजनयिक प्रयासों के चलते ३४७ मछुआरों को रिहा कराया जा चुका हैं. विदेश राज्य मंत्री ने एक प्रश्न के लिखित उत्तर में बताया कि नवंबर २०१६ में भारत और श्रीलंका के विदेश मंत्रियों और मात्स्यिकी मंत्रियों की नई दिल्ली में मुलाकात के दौरान मछुआरों के मुद्दे के हल के लिए एक द्विपक्षीय संयुक्त कार्य दल की स्थापना की गई थी. इस बात पर भी सहमति बनी थी कि इसकी प्रगति की समीक्षा के लिए दोनों देशों के मत्सियकी मंत्री प्रत्येक छह माह में बैठक करेंगे. उन्होंने बताया कि अब तक जेडब्ल्यूजी की बैठकों के तीन दौर हो चुके हैं| खबर जी न्यूज़

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