मरीज़ कल हुई बिहार में आरजेडी के बंद के दौरान पटना के गांधी सेतु के पास एक एंबुलेंस फंस गई जिसमें एक महिला मरीज़ की मौत हो गई. इस मामले में पार्टी सुप्रीमो लालू प्रसाद ने सफाई देते हुए कहा कि जिस महिला की मौत की खबर टीवी चैनलों पर दिखाई गई हैं, उसकी मौत बंद के दौरान नहीं हुई हैं. लालू प्रसाद ने कहा कि उन्हें हॉस्पिटल से पता चला हैं कि उक्त महिला का इलाज आउटडोर मरीज़ के रूप मे बीते १४ दिसम्बर से डॉक्टर विकास सिंह की देखरेख मे चल रहा था. इलाज के दौरान ही पटना में मरीज़ की मृत्यु हो गई थी. परिजन शव को लेकर पटना से वापस महनार जा रहे थे. लेकिन इसी दौरान न्यूज़ चैनलों ने बंद की वजह से मौत की खबर दिखानी शुरू कर दी.

लेकिन मिली जानकारी के मुताबिक छोहारी देवी को सुबह हार्ट अटैक आया था और परिजन उनको लेकर सुबह ७ बजे ही हाजीपुर के एक डॉक्टर के यहां पहुंचे थे. डॉक्टर ने उन्हें तुरंत पटना ले जाने की सलाह दी और परिवार गंभीर हालत में उन्हें लेकर पटना के लिए रवाना हो गए. लेकिन, बीच रास्ते गांधी सेतु के पास बंद की वजह से जाम लगा हुआ था. जिससे एम्बुलेंस वहीं फंस गई और इलाज में देरी की वजह से महिला की मौत हो गई.

मौत के बाद परिजन उसी एम्बुलेंस से शव को घर वापस ले गए. वहीं एक अन्य घटना में कटिहार में संतोष झा नाम के शख्स की मौत भी जाम में फंस जाने से हो गई थी. ऐसी कई मामले सामने जहां मरीज और उनके परिजन हैरान दिखे. इस पूरे मामले पर राजद के कई नेता की दलील चौंकाने वाली रही. विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने मीडिया को ही कोस डाला. राजद के कई नेता ने कहा की लोगों को पहले से पता था की बंद हैं ऐसे में जाम में फंसने का आरोप बेमानी हैं| खबर एनडीटीवी इंडिया

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