अभिषेक शर्मा की किताब इंडियन फ्रेम में ई दुनिया

आज की इस सोशल दुनिया को बखूबी बया कर रहा हैं ब्लैक टेरापिन प्रकाशन द्वारा प्रकाशित अभिषेक शर्मा की रुचि किताब इंडियन फ्रेम में ई दुनिया यू तो आज के समय में अधिकांश लोग सोशल साइट्स से जुड़े हुए हैं और ये सोशल एक्टिविटीज़ उनकी जिंदगी का एक अहम हिस्सा बन चुकी हैं पर क्या कुरीतियाँ और विशेषताएं हैं इस सोशल दुनिया की उसका व्याख्यान कर रही हैं अभिषेक शर्मा की किताब इंडियन फ्रेम में ई दुनिया 

संसार का सद्व्यवहार ही विभिन संसक्रितियों में संवाद और संस्तुतियों के प्रसार का सदा से आधार रहा है । समय के साथ आचरण की सभ्यता ने साइबर दुनिया में भी कदमताल के साथ नई चुनौतियों को आकार दिया है । फेसबुक, ट्विट्टर, ब्लॉगिंग से लेकर साइबर दुनिया के असीमित समुद्र में हैं ज्ञान के मोती हैं तो स्टिंग से सरीखे जहरीले दंश भी हैं । संचार क्रांति की दौड़ में हर हाथ में मौजूद स्मार्टफोन के साथ स्मार्ट होने की चाह में है । कलम से की-बोर्ड और क्वेर्टी की-पैड से टचस्क्रीन में पैनल तक का सफर हमें स्मार्ट बना चुका है । मगर स्मार्टफोन तब धरी रह जाती है जब हम अपने क्रियाकलापों से सोशल मीडिया के ‘विलेन’ बन जाते हैं या हमारी नॉन सोशल हरकतें सोशल मीडिया पर वायरल हो जाती हैं । सद्व्यवहार हमें सीखना ही होगा, सलीका हमें अपनाना ही होगा क्योंकि सोशल मीडिया के दौर में कूछ भी छिपा नहीं रह सकता .

इससे भी उम्द्दा और गहन व्याख्यान किया हैं इस किताब ‘इंडियन फ्रेम में ई दुनिया’ में अभिषेक शर्मा जी ने सोशल जगत के रीतियों के बारे में इस किताब में कुछ इस प्रकार के विषयों का वर्णन किया हैं लेखक ने जैसे की सोशल होती दुनिया में सामाजिकता क्या हैं तो क्या चल रही हैं सोशल मीडिया पर नॉन सोशल एक्टिविटी और फिर कैसे ऑनलाइन बाजार से लोगो की उम्मीदें हो रही अपार तो कही राजनीति हर हाथ और सबसे अहम जिक्र भारत में साइबर कानून का किया हैं उन्होंने|

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