कांग्रेस

आज राज्यसभा के दौरान मुस्लिमों में एक बार में तीन तलाक कहने के चलन को फौजदारी अपराध बनाने संबंधी विधेयक को रखा गया और कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने इस बिल को सदन के पटल पर रखा. राज्यसभा में इस बिल पर चर्चा के दौरान कांग्रेस ने मांग की कि यह बिल सेलेक्ट कमेटी के पास जाए. कांग्रेस ने कहा कि सरकार इस बिल पर सेलेक्ट कमेटी की रिपोर्ट पेश करे. वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि पुरानी परंपराओं को तोड़ते हुए अचानक बिल पेश किया गया हैं.

उन्होंने कहा कि सरकार नहीं चाहती कि इस बिल को सेलेक्ट कमेटी के पास भेजा जाए, क्योंकि इसकी कई वजहें हैं. वित्त मंत्री ने कहा कि ऐसा नहीं हो सकता कि कांग्रेस के आनंद शर्मा प्रस्ताव पेश करें और बिल को तुरंत सेलेक्ट कमेटी के पास भेज दिया जाए. उन्होंने कहा कि बिल की कॉपी पहले ही सांसदों को बांटी जा चुकी हैं. जेटली ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा तीन तलाक पर दिए निर्णय की मियाद फरवरी में खत्म हो रही हैं. अरुण जेटली के बयान के बाद सदन में खूब हंगामा हुआ.

अरुण जेटली ने कहा कि इस समय पूरी दुनिया देख रही हैं कि लोकसभा में तो कांग्रेस ने इस बिल का समर्थन किया और राज्यसभा में विरोध कर रही हैं. इससे पहले आनंद शर्मा ने कहा कि इस बिल को सेलेक्ट कमेटी के पास भेजा जाए ताकि बिल में जरूरी सुधार हो सके. उन्होंने कहा कि कांग्रेस बिल का विरोध नहीं कर रही हैं बल्कि इसमें और सुधार की जरूरत हैं. आनंद शर्मा ने कहा कि संसद रबर स्टैंप की तरह काम नहीं करती. नेता प्रतिपक्ष गुलाम नबी आजाद ने कहा कि लोकसभा में बीजेपी का बहुमत हैं तो राज्यसभा में उनका. और सदन बहुमत से चलता हैं. विरोध नेताओं द्वारा लगातार विरोध किए जाने के कारण सदन की कार्रवाई को स्थगित कर दिया गया| खबर जी न्यूज़

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