बिहार विधानसभासंसद के पिछले सत्र में जीएसटी (वस्तु व सेवा कर) से जुड़े चार विधेयको के पास होने और राष्ट्रपति से इसकी मंजूरी मिलने के बाद अब राज्यों की विधानसभाओं से भी इसके पास होने का काम शुरू हो चूका है। बिहार विधानसभा ने कल सोमवार को इस विधायक को आम सहमति के साथ पास कर दिया। गौरतलब है कि चार विधेयक लोकसभा से पास हुए थे और एक-एक विधेयक सभी राज्यों की विधानसभाओं से पास होगा।बहरहाल, देश भर में एक समान अप्रत्यक्ष कर प्रणाली, जीएसटी लागू करने की विधायी प्रक्रिया के तहत सोमवार को बिहार विधानसभा ने बिहार माल और सेवा कर विधेयक २०१७  और बिहार काराधान विधि, संशोधन विधेयक २०१७ को आम सहमति से मंजूर कर दिया गया केंद्रीय उत्पाद शुल्क, सेवा कर, राज्यों के वैट या बिक्री कर, प्रवेश कर और कई अन्य अप्रत्यक्ष करों को समाहित कर उनकी जगह लगने वाले जी.एस.टी को एक जुलाई से लागू करने का लक्ष्य है।

जी.एस.टी बिल को परित कराने के लिए बिहार विधानसभा की सोमवार को एक दिन की विशेष बैठक बुलाई गयी थी। इसमें सत्तापक्ष जदयू, राजद और कांग्रेस के साथ विपक्ष एनडीए में शामिल भाजपा सहित अन्य दलों के सदस्यों के इसका समर्थन किया और यह एक तरह से आम सहमति से सदन द्वारा पारित कर दिया गया।

जहा एक ओर इस बिल पर सीपीआई माले के विधायक महबूब आलम ने विरोध जताया वही वाणिज्य कर मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने विधेयकों को पेश करते हुए कहा कि किसी भी विषय पर निर्णय लेने के समय एक राजनेता आनेवाली पीढ़ियों की बेहतरी की सोच रखता है जबकि एक राजनीतिज्ञ केवल अगला चुनाव जीतने के बारे में सोचता है। खबर नया इंडिया

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