सीबीआई बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव शुक्रवार को प्रवर्तन निदेशालय द्वारा पटना शहर में तीन एकड़ जमीन जब्त किए जाने पर प्रतिक्रिया दे रहे थे और उसी दौरान तेजस्वी यादव ने सीबीआई को चुनौती दी हैं कि उनके खिलाफ जल्द आरोप पत्र दायर करें. तेजस्वी का कहना हैं कि वे प्रवर्तन निदेशालय की इस कार्रवाई के लिए तैयार थे. उन्हें इस बात का अंदाजा हो गया था. तेजस्वी के अनुसार इस मुद्दे पर आयकर विभाग और प्रवर्तन निदेशालय की कार्रवाई में विरोधाभास हैं.

तेजस्वी ने आरोप लगाया कि सभी जांच एजेंसियां दबाव में काम कर रही हैं. तेजस्वी का दावा हैं कि रेलवे के होटल के बदले में जमीन के मामले में उनके पूरे परिवार से पूछताछ की गई, लेकिन किसी ने यह जानने की कोशिश की हैं कि क्या रेलवे ने इसे घोटाला माना हैं? क्या रेल मंत्रालय ने कोई शिकायत की हैं? यह सब राजनीतिक पूर्वाग्रह से किया जा रहा हैं. सीबीआई जांच पर तेजस्वी ने कहा कि ‘हम इंतजार कर रहे हैं कि चार्ज शीट दायर कर दें जिससे उन्हें लीगल मुद्दों पर नंगा कर सकें.’ तेजस्वी के अनुसार उनके खिलाफ यह कार्रवाई इसलिए की जा रही हैं ताकि वे राजनीतिक रूप से सक्रिय न रहें.

लेकिन अपनी बेताबी का कारण बताते हुए तेजस्वी ने कहा कि आखिर यह मुद्दा कोर्ट में जाएगा और वे चाहते हैं कि सीबीआई उनके खिलाफ सबूतों को सार्वजनिक करे. तेजस्वी ने कहा कि ‘लेकिन हम लोगों को कोई फर्क नहीं पड़ता, आखिर सत्य की जीत होती है.’ तेजस्वी कह कहना हैं की हम लोगों ने जांच एजेंसी के साथ हमेशा सहयोग किया हैं. भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के बेटे जय शाह के मामले में कोई कार्रवाई या जांच शुरू नहीं की गई| खबर एनडीटीवी इंडिया

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