सीबीएसई के लीक पेपर सीबीएसई के लीक पेपर मामले में कार्रवाई तेज हो गई हैं और दिल्ली पुलिस को गूगल की ओर से भी जवाब मिल गया हैं.

गूगल के जवाब के बाद पुलिस ने उस शख्स की पहचान कर ली हैं, जिसने उन्हें ईमेल भेजा था. इस मामले में बवाना के स्कूल प्रिंसिपल और दो टीचरों से पुलिस ने भी देर रात तक पूछताछ की. इनपर आरोप हैं कि इन्होंने १२वीं का इकॉनमिक्स प्रश्नपत्र छात्रों के सामने परीक्षा शुरू होने से ७५ मिनट पहले खोल दिया था.

वहीं क्राइम ब्रांच ने सोनीपत के रहने वाले एक सीबीएसई के कर्मचारी से भी पूछताछ की हैं. ‘सीबीएसई के लीक पेपर’ मामले में दिल्ली के बवाना के तीन स्कूलों के एक प्रिंसिपल और ६ टीचरों से सघन पूछताछ की गई हैं. जबकि इस मामले में दिल्ली पुलिस को गूगल से जवाब मिल गया हैं. इस जवाब की मदद से पुलिस को ईमेल भेजने वाले शख्स का पता चल गया हैं. दरअसल १०वीं के एक छात्र को गणित का पेपर व्हाट्सऐप पर मिला था,

जिसके बाद उसने पिता के ईमेल से सीबीएसई के चीफ को इस बारे में जानकारी देते हुए ईमेल भेजा था. पुलिस अब छात्र और उसके पिता से पूछताछ कर रही हैं. कोचिंग सेंटरों पर छानबीन क्राइम ब्रांच की टीम इस संबंध में दिल्ली के कई स्कूलों और कोचिंग सेंटरों पर जाकर वहां छानबीन और पूछताछ कर रही हैं. सीबीएसई के लीक पेपर मामले में अब तक पुलिस ने ६० से अधिक लोगों से पूछताछ की हैं. इस पूछताछ में ५३ छात्र भी शामिल हैं.

इस पेपर लीक मामले में झारखंड पुलिस ने चतरा से ३ लोगों को गिरफ्तार किया हैं. वहीं ९ नाबालिग भी पुलिस की गिरफ्त में आए हैं. सीबीएसई के लीक पेपर मामले में पुलिस का कहना हैं कि ये छात्र १०वीं के गणित परीक्षा के दौरान हल प्रश्नपत्र लेकर परीक्षा में बैठे थे. हिंदी और राजनीतिक शास्त्र के पेपर पर भी उठा सवाल इस बीच सोशल मीडिया पर १२वीं का हिंदी का प्रश्नपत्र वायरल हो रहा हैं.

हालांकि सीबीएसई ने सफाई दी हैं कि वो प्रश्नपत्र पूरी तरह से फेक हैं. वहीं लुधियाना के विसलब्लोअर ने दावा किया हैं कि पॉलिटिकल साइंस का पेपर भी लीक हुआ हैं. इस दावे पर सीबीएसई की ओर से कुछ भी नहीं कहा गया हैं| खबर वन इंडिया

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