अरबआपको जानकर हैरानी होगी कि पिछले एक साल से इनके अंतिम संस्‍कार की तैयारियां चल रही थीं. जानिए कैसे थे वो. इस समय थाईलैंड के राजा किंग पूमीपोन अदून्यदेत के अंतिम संस्‍कार की खबरें सुर्खियो में हैं. हालांकि उनकी मौत अक्‍टूबर २०१६ में हुई थी पर उनका शाही अंतिम संस्‍कार बैंकाक में अब हुआ उनकी छवि एक पिता के रूप में थी. लोग उन्‍हें दयालु मानते थे. यही कारण हैं कि उनकी मौत पर पूरा थाईलैंड रोया था.

कहा जा रहा हैं कि अंतिम संस्‍कार के लिए छः अरब रुपए खर्च किए गए और भगवान राम के वंशज माने जाने वाले भूमिबोल के देहांत के बाद एक साल का राष्ट्रीय शोक घोषित किया गया था और इस शोक के बाद बौद्ध परंपरा के अनुसार भूमिबोल को आखिरी विदाई दी गई. उनकी अंतिम सवारी सोने के रथ पर निकली. राजा के सम्मान में ५०० प्रतिमाओं का निर्माण किया गया और वो संवैधानिक रूप से बनाए गए राजा थे. उनकी शक्तियां भी सीमित थीं. थाईलैंड में लोग उन्हें भगवान का दर्जा दिया करते थे. उनका जन्म ५ दिसंबर १९७२ को यूएस में हुआ था. उनके पिता भी प्रिंस थे, नाम था माहिडोल अदुन्यदेत.

जब उनका जन्‍म हुआ उस समय उनके पिता हार्वर्ड में पढ़ाई कर रहे थे. फिर पूरा परिवार थाईलैंड वापस आ गया. जब वो केवल दो साल के थे तो उनके पिता की मौत हो गई. फिर पूमीपोन की मां उन्‍हें लेकर स्विटज़रलैंड गई,  वहीं पर पूमीपोन की पढ़ाई हुई. पूमीपोन से पहले उनके भाई गद्दी पर बैठे. पर राजमहल में एक दुर्घटना में उनकी मौत हो गई थी. जिसके बाद १८ वर्ष की उम्र में अदून्यदेत गद्दी पर बैठे और बताया जाता हैं कि पूमीपोन को फोटोग्राफी का शौक था| खबर आजतक

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