उत्तर प्रदेश के आजमगढ में चल रही हिंदी फीचर फिल्म पहल की शूटिंग में फिल्माएं जा रहे दृश्यों को देख फिल्म के निर्माता और लेखक की प्रशंसा तो बनती हैं फिल्म  की कहानी बहुत कुछ बया कर रही हैं और फिल्म के निर्देशक ने किसी भी सीन को फिल्माने के लिये काल्पनिक सेट या स्टूडियो का सहारा नही लिया यही कारण है कि फिल्म मे दर्शकों को जो कहानी दिखेगी वो वास्तविक लगने के साथ-साथ उन्हें सोचने पर विवश करेगी की ये एक अलग जीवनशैली पर आधारित फिल्म हैं और निश्चित रूप से लेखक एंव गीतकार सुरेश कुमार एकलव्य उसमे पूरी तरह सफल होते दिखाई दे रहे है फिल्म के निर्माता रामसूरत बिंद के योगदान को भी कमतर नही आंका जा सकता जिन्होंने ग्रामीण परिवेश की समस्याओ को फिल्म द्वारा उजागर करने का बीड़ा उठाया हैं एकलव्य फिल्मस एंड टेलीविजन के बैनर तले फिल्माई जा रही फिल्म पहल मे अधिकांश कलाकार नवोदित ही हैं मगर फिल्म की मुख्य भूमिका में राजशेखर साहनी का कुशल अभिनय देख अनुभवी कलाकारों की आँखे चकित हो सकती हैं ऐसा बिलकुल प्रतीत नहीं होता कि वह पहली बार कैमरे का सामना कर रहे हैं उनका गंभीर और कलात्मक अभिनय फिल्म को मजबूत कड़ियों से जोड़ रहा हैं उत्तर प्रदेश के आजमगढ जिले मे फिल्म की शूटिंग करने को लेकर रामसूरत बिंद कहते है कि इस जगह पर कहानी के दृश्यों को फिल्माने से फिल्म में और जान आजाएगी इसके साथ ही वह प्रदेश सरकार द्वारा फिल्म उद्योग को प्रदान की जा रही रिआयतों का भी जिक्र करते हैं उन्होंने बतया की फिल्म के लेखक और गीतकार सुरेश कुमार एकलव्य के साथ बहुत पहले ही सरायमीर गाँव की लोकेशन को सलेक्ट कर लिया गया था व प्रशासन और आसपास के गांव वाले का भी भरपूर सहयोग मिल रहा है वह बंबइया ट्रेंड से इतर फिल्म का निर्माण कर रहे है फिल्म से एक स्वस्थ संदेश समाज को जाये यही उनका कहना हैं |

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