आमसूत्रों के हवाले से आई खबर के अनुसार आम आदमी पार्टी अब सिर्फ दिल्ली पर फोकस करना चाहती हैं पंजाब और गोवा असेंबली इलेक्शन में करारी हार के बाद आम आदमी पार्टी दिल्ली के बाहर इलेक्शन नहीं लड़ेगी और सूत्रों ने बताया कि दिल्ली में कमिटेड वर्कर्स की कमी हैं और जल्द ही पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी की मीटिंग में इस पर आखिरी फैसला लिया जाएगा.

बता दें कि दिल्ली एमसीडी इलेक्शन में भी पार्टी को बीजेपी से हार का सामना करना पड़ा था यह साल आप पार्टी के लिए काफी उठापटक भरा रहा पार्टी ने फरवरी में गोवा और पंजाब के असेंबली इलेक्शन में चुनौती दी, लेकिन दोनों ही जगहों पर उसे हार का सामना करना पड़ा और पंजाब में उम्मीद से कम २० सीट मिलीं, जबकि गोवा में उसका खाता भी नहीं खुल सका तो अब टॉप लीडरशिप ने फैसला किया हैं कि इस साल

दिसंबर में गुजरात और हिमाचल प्रदेश में होने वाला चुनाव पार्टी नहीं लड़ेगी. आम आदमी पार्टी ने २०१२ का हिमाचल असेंबली इलेक्शन नहीं लड़ा था और उस वक्त दलील दी थी कि पार्टी अपना पहला चुनाव सिर्फ दिल्ली में लड़ेगी और इस बार भी पार्टी हिमाचल में चुनाव लड़ने के मूड में नहीं हैं  दूसरी ओर, गुजरात में आप पार्टी ने चुनाव लड़ने की तैयारी बहुत पहले से कर ली थी

और अरविंद केजरीवाल ने तो कई सभाएं भी की थी. पिछले साल आप पार्टी के नेताओं ने पार्टी को नेशनल लेवल पर ले जाने का एलान किया था और इसके तहत गोवा और पंजाब में चुनाव लड़ने का फैसला किया था, लेकिन दोनों जगहों पर पार्टी को हार मिली. यूपी में बीजेपी की एकतरफा जीत से आप पार्टी को अब दिल्ली में सत्ता छिनने का डर सता रहा हैं| खबर दैनिक भासकर

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