एनडीए एनडीए से सीटों को लेकर तना-तनी के बीच

जनता दल (यूनाईटेड) के प्रमुख व बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार रविवार को जद(यू) की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में पार्टी पदाधिकारियों को संबोधित करेंगे. आगामी लोकसभा चुनावों के दृष्टिकोण से यह बैठक अहम मानी जा रही हैं जिसमें पार्टी आगे की रणनीति का खाका खींचेगी.

राष्ट्रीय राजधानी में जद(यू) पहली बार अपनी कार्यकारिणी आयोजित कर रही हैं. जद(यू) की ये बैठक बिहार में उसकी सहयोगी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से सीटों को लेकर तना-तनी के बीच हो रही हैं. आपको बता दें २०१४ लोकसभा चुनावों में जद(यू) अकेले लड़ते हुए मात्र २ सीटों पर ही अपनी जीत दर्ज कर पाई थी. वहीं भाजपा ने २२ सीटों पर जीत दर्ज की थी.

लेकिन जेडी(यू) लगातार इस बात की मांग कर रही हैं कि बिहार विधानसभा में उसकी ताकत को देखते हुए ज्यादा सीटें दी जाए. बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भाजपा के ‘बड़ा भाई’ जैसे रवैये से नाराज़ बताए जा रहे हैं और इसी क्रम में उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव को फोन कर पर्याप्त संकेत दे दिए हैं.

भाजपा अध्यक्ष अमित शाह १२ जुलाई को पटना जा रहे हैं

बिहार के बदलते राजनीतिक घटनाक्रम को भांपते हुए, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह १२ जुलाई को पटना जा रहे हैं, जहां उनकी मुलाकात नीतीश कुमार से भी होगी. संभवत: इस मुलाकात के दौरान नीतीश २०१९ लोकसभा चुनावों को लेकर एनडीए में उनकी भूमिका क्या होगी इस पर अपने मन की बात रखेंगे.

उल्लेखनीय हैं कि जद(यू) अब बिहार से बाहर अपने पैर पसार रही हैं. लिहाजा इस बैठक में नीतीश पार्टी के राज्य प्रमुखों से ‘बिहार प्लस’ योजना को लेकर भी बात कर सकते हैं. जद(यू) इस साल अंत में चार राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों मे अपने प्रत्याशी खड़े कर सकती हैं.

लिहाज़ा जद(यू) के २२ राज्यों की इकाइयों की मौजूदगी में नीतीश कुमार का राष्ट्रीय कार्यकारिणी में आज का संबोधन मौजूदा राजनीतिक घटनाक्रम के तौर पर अहम माना जा रहा हैं| खबर आजतक

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