एटीएम ऐसी मांग उठाई हैं एटीएम इंडस्‍ट्री ने

नोट बंदी के बाद एक बार फिर देश में कैश की कमी हुई हैं और मौजूदा समय में भले ही एटीएम खाली हो गए हों, लेकिन जल्द ही आपको यहां से पैसे विद्ड्रॉ करने के लिए और अन्य किसी काम को निपटाने के लिए ज्यादा पैसे चुकाने पड़ सकते हैं. कंफेडरेशन ऑफ एटीएमइंडस्‍ट्री ने एक ऐसी मांग उठाई हैं, जिसका सीधा असर एटीएम चार्जेस पर पड़ेगा.

दरअसल कंफेडरेशन ऑफ एटीएम इंडस्‍ट्री ने मांग उठाई हैं कि एटीएम को सही ढंग से ऑपरेट करने के लिए इंटरचेंज रेट बढ़ाया जाना चाहिए. इंडस्ट्री बॉडी ने मांग की हैं कि इसमें कम से कम ३ से ५ रुपये की बढ़ोतरी होनी चाहिए. बॉडी का तर्क हैं कि पिछले कुछ दिनों से एटीएम का यूज काफी बड़े स्तर पर शुरू हो गया हैं.

इस वजह से एटीएम को ऑपरेट करने के लिए और अपनी लागत वसूलने के लिए जरूरी हैं कि इंटरचेंज रेट बढ़ाया जाए. एटीएम प्लेयर्स का कहना हैं कि मौजूदा समय में एटीएम ऑपरेट करने वालों को नुकसान उठाना पड़ रहा हैं. कम इंटरचेंज रेट का भार उनकी जेब पर पड़ रहा हैं. बता दें कि पिछले ३-४ साल से एटीएमप्लेयर्स इंटरचेंज रेट बढ़ाने की मांग कर रहे हैं.

देशभर के एटीएम ऑपरेट करने वाले इन लोगों का खर्च आरबीआई के उस सर्कुलर के बाद और बढ़ गया हैं, जिसमें आरबीआई ने कैश प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए कहा हैं. इसके तहत मिनिमम फ्लीट साइज ३०० करने की हिदायत दी गई हैं. इसके अलावा खासकर इस काम के लिए तैयार की गई कैश वैन्स और उसके साथ दो संरक्षक और दो हथियारबंद सुरक्षाकर्मी रखने की बात कही गई हैं.

अगर मान ली जाती हैं इनकी मांग


ये लोग ड्राइवर के अलावा शामिल होंगे. ऐसे में एक बार फिर कंफेडरेशन ऑफ एटीएम इंडस्‍ट्री ने इंटरचेंज रेट बढ़ाने की मांग उठानी शुरू कर दी हैं. अगर इनकी मांग मान ली जाती हैं, तो इसका सीधा असर एटीएम चार्जेस पर पड़ेगा. इंटरचेंज रेट बढ़ने के बाद बैंक भी चार्ज बढ़ा सकते हैं| खबर आजतक

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