अस्थमा अस्थमा अटैक में तुरंत राहत के लिए

आज अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस के साथ साथ विश्व अस्थमा दिवस भी हैं. इस दिन को अस्थमा या दमे की बीमारी के पीड़ित लोगों के बेहतर इलाज के लिए मनाया जाता हैं. इस बीमारी में सांस लेने में दिक्कत, सीने में दर्द, खांसी और घरघराहट होती हैं. अस्थमा अटैक में तुरंत राहत के लिए इन्हेलर का सहारा लिया जाता हैं.

इसे लेने के बाद कुछ ही देर में सांस लेने आसानी हो जाती हैं. इस अटैक का मुख्य कारण शरीर में मौजूद बलगम और संकरी श्वासनली हैं लेकिन इसके अलावा इस बीमारी में अटैक के कई बाहरी कारण भी होते हैं, जिस वजह से दमे का अचानक अटैक पड़ता हैं. इन कारणों के चलते अस्थमा का अटैक आता हैं.

उमस और बदलते मौसम में बाहर रहना और घंटों घूमना. धूल और मिट्टी वाले कमरे में पंखा चलाना. इससे शरीर में धूल-मिट्टी जाती हैं जिससे अस्थमा अटैक होता हैं. लंबे समय तक तकिया या चादर ना बदलना. बार-बार धुएं वाले एरिया में निकलना या फिर दीवाली जैसे मौकों पर पटाखों के बीच ज्यादा रहना. ब्रीथिंग एक्सरसाइज़ ना करना.

अस्थमा पीड़ित के कमरे की रोज़ाना सफाई ना करना. इस बीमारी के पीड़ित के आस-पास जानवरों का रहना या फिर घर में जानवर पालना. खाने में ज्यादा नमक खाना. ज्यादा धूम्रपान और शराब पीना. सर्दियों में खासी जुकाम का ठीक इलाज ना करना. ये कुछ कारण हैं जिसके चलते अस्थमा जैसी बिमारी पनपती हैं या बढ़ती हैं| खबर एनडीटीवी इंडिया

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