वेंकैया नायडू ने भारत दौरे पर आए नेपाल के प्रधानमंत्री से मुलाकात में कही ये बाते

नेपालभारत दौरे पे आए नेपाल के प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा से कल उप-राष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू ने मुलाकात की और इस दौरान उनसे कहा की भारत और नेपाल में भौतिक बुनियादी ढांचा बनाने और सामाजिक संस्थानों की स्थापना के लिए कार्य कर रहा हैं और दोनों देशों के बीच आपसी बात-चीत से आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा और इसके साथ ही टेराई रोड, रेल लिंक, एकीकृत चेक पोस्टों के साथ ही रक्सौल-आमलेखगंज तेल पाइपलाइन जैसे परियोजनाओं पर भी नए सिरे से ध्यान दिया जाना चाहिए इसके साथ ही उप-राष्ट्रपति ने कहा कि जलविद्युत क्षेत्र में द्विपक्षीय सहयोग की भी अपार संभावनाएं थी और दोनों देशों को १९९६ में हस्ताक्षरित पंचेश्वर परियोजना के शीघ्र परिचालन के लिए काम करना चाहिए.

इसके साथ जोर देते हुए उन्होंने कहा कि हमें दोनों देशों के लोगों के लाभ के लिए जल संसाधन क्षेत्र में भी अपने सहयोग को बढ़ाने की आवश्यकता हैं. उप-राष्ट्रपति ने कहा कि नेपाल अपने सबसे प्रमुख कार्य संविधान को लागू करने और प्रगतिशील और समावेशी राजनीतिक एजेंडे की स्थापना करने में लगी हुई हैं और नेपाल के समाज के हर वर्ग की आकांक्षाओं को पूरा करने वाली एक राजनीतिक व्यवस्था स्थापित करना जैसे महत्वपूर्ण कार्य में भी लगी हैं. उप-राष्ट्रपति ने स्थानीय निकाय चुनावों के दो चरणों को सफलतापूर्वक पूरा करने के लिए प्रधानमंत्री और नेपाल सरकार को बधाई देते हुए कहा की भारत को नेपाल में आगामी चुनाव में किसी भी चुनाव संबंधी सहायता करने में खुशी होगी.

उप-राष्ट्रपति ने कहा कि दोनों देशों के बीच खुली सीमा होना हमारे संबंधों को विशिष्टता प्रदान करती हैं और इससे दोनों देशों के लोगों को काफी लाभ भी होता हैं. उन्होंने चेतावनी दी कि हमें दुश्मनों द्वारा खुली सीमा के दुरुपयोग के प्रति सतर्क भी रहना चाहिए और उन्होंने ये भी बताया की नेपाल पुलिस और सशस्त्र बल पुलिस को उपकरणों, वाहनों और प्रशिक्षण के माध्यम से सुदृढ़ता प्रदान कर रहा हैं भारत.

उन्होंने कहा कि भारत नौकरी बढ़ाने तथा सभी पड़ोसी देशों के घरेलू क्षेत्रों की विकास के लिए भी सहायता प्रदान करने को उत्सुक हैं और वही उप-राष्ट्रपति ने यह भी बताया की भारत सभी पड़ोसी देशों के साथ काम करना चाहता हैं और हमारी सरकार का प्रयास ‘सबका सहयोग, सबका विकास’ भारत और भारत के बाहर दोनों जगह लागू होता हैं. उन्होंने आगे कहा कि भारत अन्य सभी पड़ोसी देशों के साथ समावेशी विकास प्राप्त करने की इच्छा रखती हैं.

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