सुरंग खोद चुरा लिया एक लाख लीटर पेट्रोलियम

पेट्रोलियम

चोरी का एक ऐसा मामला सामने आया हैं, जिसे सुनकर आप भी चौंक जाएंगे. द्वारका के सूरज विहार इलाके में यह चोरी किसी घर या दुकान में की गई कोई आम चोरी की घटना नहीं, बल्कि शातिर और हाईटेक चोरों द्वारा जमीन में कई फीट नीचे मौजूद इंडियन ऑयल की मेन पाइपलाइन से हजारों लीटर पेट्रोलियम पदार्थ चुराए जाने की घटना हैं. इस चोरी को अंजाम देने के लिए चोरों ने एक खाली पड़े प्लॉट को चुना. यहाँ उन्‍होंने करीब १५५ फुट लंबी सुरंग खोदकर उसे पाइपलाइन से जोड़ा था, जिसके बाद पिछले तीन महीने से इंडियन ऑयल की पाईपलाइन से रोजाना करीब १५०० लीटर पेट्रोल चुराया जा रहा था. इस घटना का खुलासा तब हुआ, जब मंगलवार देर रात सुरंग में गैस का दबाव बढ़ने से ब्‍लास्‍ट हो गया और लोग दहशत में आ गए. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दरअसल, जब सुरंग की जांच की गई थी तो जांच एजेंसियों को पता चला कि करीब ५ लोगों ने पांच माह पहले वाहनों के बंपर सही करने का काम करने के लिए एक खाली प्लॉट को किराए पर लिया था. इस प्‍लॉट में एक छोटा सा कमरा था.

यहां इन बदमाशों ने लगातार दो महीने तक ८ फीट गहरा और करीब ४ फीट चौड़ा गड्ढा खोदा. इसके बाद उन्‍होंने पास से गुजर रही इंडियन ऑयल की पाइपलाइन तक सुरंग खोद डाली. जब सुरंग पाइपलान तक पहुंच गई तो बदमाशों ने पाइपलान में छेद करके अपनी पाइपलाइन इसमें जोड़ दी.  इसके बाद वे रोजाना करीब १५०० लीटर पेट्रोलियम पदार्थ चुराते, जिसे ५०० लीटर की तीन टंकियों में भरा जाता और एक एक टैंपो के जरिए उसे वहां से ले जाया जाता था. इस घटना के बारे में किसी को पता न चले, इसके लिए इस सुरंग के ऊपर सोफा, ईंट और पत्‍थर रख दिए गए थे. इसी वजह से सुरंग में गैस का दबाव बन गया और उसमें धमाका हो गया. जब पुलिस मौके पर पहुंची तो उसने एक आरोपी को दबोच लिया. जांच में पता चला करीब १५५ फीट लंबी यह सुरंग इलाके के कई घरों से होकर गुजर रही थी. इस बारे में इंडियन ऑयल के कॉरपोरेट हेड एम काली कृष्‍णा ने मीडिया से कहा कि हमारा पाइपलाइन सिस्‍टम काफी विस्‍तृत हैं और किसी भी जगह प्रेशर सिस्‍टम कम होने पर हमें इस बात का पता चल जाता हैं कि लीकेज या गड़बड कहां हैं.

हालांकि उन्‍होंने यह बात भी कही कि प्रेशर की मशीन कम मात्रा से होने वाले लीकेज को पकड़ नहीं पाती हैं, इसलिए प्रेशर के कम होने पर वहां टीम पहुंच जाती थी. अब सवाल उठ रहा हैं कि इलाके में पिछले तीन महीने से हो रही चोरी इस इस बड़ी घटना के बारे में पुलिस को भनक तक कैसे नहीं लगी. दरअसल, इसको लेकर भी बड़ी लापरवाही सामने आई हैं. बताया जा रहा हैं कि इस प्‍लॉट को किराए पर लेने वाले लोगों का न तो कभी पुलिस वेरिफिकेशन हुआ और न ही कभी बीट कॉन्‍स्‍टेबल वहां पहुंचा. हालांकि लोग यह भी आरोप लगा रहे हैं कि बीट कॉन्‍स्‍टेबल इन लोगों से पैसे लिया करता था. इस घटना के बारे में द्वारका जिले के डीसीपी शिबेश सिंह का कहना है कि प्‍लॉट में रखी गई पुरानी गाड़ियों की वजह से सुरंग की जानकारी नहीं हो सकी थी. हमारे अधिकारी इलाके में रोजाना गश्‍त करते थे, लेकिन इस प्‍लॉट में गाड़ियों का काम होने के चलते कभी किसी को शक नहीं हुआ. हालांकि हमने शिकायत मिलने पर जांच शुरू कर दी| खबर जी न्यूज़

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *