तेजस्वी यादव का नीतीश कुमार के नाम खुला पत्र

पत्र

पिछले दिनों हुए बिहार उपचुनाव के बाद बिहार के अरिरया में देश विरोधी नारे, दरभंगा में बीजेपी नेता के पिता की हत्या और भागलपुर में हिंसा जैसे मामले पर राजनीति गर्म हैं. सरकार और विपक्ष में आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी हैं. दरभंगा और भागलपुर में जिस तरह से माहौल को खराब करने की बातें सामने आई हैं, उससे बिहार की राजनीति ने एक नया मोड़ ले लिया हैं. बिहार में बीजेपी नेताओं और नीतीश कुमार के स्टैंड में भी कई अंतर्रविरोध देखने को मिल रहे हैं.

यही वजह हैं कि इन सभी मामलों पर प्रकाश डालते हुए विपक्ष के नेता और लालू प्रसाद के बेटे तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नाम एक खुला पत्र लिखा हैं. आएये जानते हैं पत्र में क्या लिखा तेजस्वी ने………..आदरणीय मुख्यमंत्री जी, मैं आपका ध्यान इस ओर आकर्षित कराना चाहता हूं कि जिस तरह जुलाई में जनादेश का क़त्ल करके नई सरकार का गठन होने के बाद से आपकी सरकार में सहयोगी भाजपा और उसके अन्य संगठनों द्वारा राज्य में हिंसा का वातावरण पैदा किया जा रहा हैं, वह राज्य की जनता के हित में कतई नहीं हैं.

यह सर्वविदित हैं कि भाजपा ने अपने राजनीतिक हित के लिए देश को सांप्रदायिक आधार पर बांटना काफी पहले ही शुरू कर दिया था. शायद इसी ख़तरे को भांपते हुए आपने संघमुक्त भारत की बात कही थी. लेकिन किस अनजान डर से अब आप संघयुक्त भारत की पैरवी कर रहे हैं, यह रहस्य तो आप ही जानते हैं. यह सब समाज में ध्रुवीकरण करने और उसके आधार पर मतदान को प्रभावित कर राजनीतिक हित साधने का ही प्रयास हैं.

आप इस रणनीति से राजनीतिक लाभ उठा सकते हैं लेकिन देश की गंगा-जमुनी तहजीब और संस्कृति पर इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ता हैं. जब से राज्य में  एनडीए सरकार बनी हैं, तब से हिंसा की अनेकों वारदातें हो चुकी हैं जिसमें अफवाह फैला कर एक विशेष समुदाय के लोगों को निशाना बनाया गया और उस क्षेत्र के लोगों को सांप्रदायिक आधार पर बांटने का प्रयास किया गया. अभी भागलपुर में भी बिना प्रशासनिक अनुमति के संघ समर्थित एक जुलूस निकाला गया और ठीक उसके बाद भड़की सांप्रदायिक हिंसा में गोलियां तक चलीं.

मुख्यमंत्री महोदय एक तरफ़ आप चंपारण सत्याग्रह शताब्दी वर्ष के बहाने गांधी जी की विचारधारा को और उनकी विरासत को आगे बढ़ाने की बात करते हैं तो दूसरी और आपने उन लोगों से हाथ मिलाया हुआ हैं, जो गांधी जी के हत्यारे हैं और आज भी वैचारिक रूप से रोज गांधी जी की हत्या कर रहे हैं. क्या आपकी नैतिकता और अंतरात्मा नाथूराम समर्थकों के साथ मिलकर राजनीति करने पर आपको धिक्कारती भी नहीं हैं? मुख्यमंत्री जी पूरा देश जानता हैं, आप कुर्सी के लिए किसी भी हद तक जाकर कुछ भी कर सकते हैं.

लेकिन फिर भी अंत में मैं आपसे हाथ जोड़कर अपील करता हूं कि आप अपने राजनीतिक हित के ऊपर सबसे पहले बिहार की जनता के हित को देखें और भाजपा जो राज्य की जनता को उन्मादी आग में झोंक रही हैं, उससे राज्य को निजात दिलाने के उपाय करें. आप वाजपेयी जी की राजधर्म वाली सीख को मानिए. इसके साथ और भी बहुत सी बाते पत्र में सामिल थी| खबर एनडीटीवी इंडिया

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