तालिबान से बातचीत नहीं, करेंगे उसका खात्मा : डोनाल्ड ट्रंप

तालिबान

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को व्हाइट हाउस में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के सदस्यों को बताया तालिबान निर्दोष लोगों को मार रहा हैं और बच्चों पर बमबारी कर रहा हैं. परिवारों पर बमबारी की जा रही हैं पूरे अफगानिस्तान में बमबारी की जा रही हैं. इसलिए तालिबान से कोई बातचीत नहीं होगी साथ ही उसके साथ किसी भी तरह की वार्ता की संभावना से इनकार किया हैं अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, हम तालिबान से बात नहीं करना चाहते. जो काम हमें करना हैं, हम उसे पूरा करने जा रहे हैं. जिस काम को कोई नहीं पूरा कर पाया, हम उसे पूरा करने जा रहे हैं. काबुल में तालिबान द्वारा हाल ही में किए गए हमलों में कम से कम १२५ लोगों की मौत हो चुकी हैं, जो ट्रंप प्रशासन के लिए एक सीधी चुनौती हैं.

ट्रंप ने १६ जनवरी को कहा था कि अमेरिकी फौजों ने इस्लामिक स्टेट और तालिबान पर जबरदस्त कहर बरपाया हैं और उन्होंने अगस्त २०१७ में जिस दक्षिण एशिया नीति का ऐलान किया था, वह बहुत तेजी से काम कर रही हैं. तालिबान आतंकवादियों ने काबुल में २१ से २२ जनवरी के दौरान इंटरकॉन्टिनेंटल होटल पर हमला किया था, जिसमें २२ लोगों की मौत हो गई थी, जिसमें १४ विदेशी भी शामिल थे. तालिबान ने शनिवार को विस्फोटकों से भरे एक एंबुलेंस में विस्फोट कर दिया था. इसमें १०३ लोगों की मौत हो गई थी और २३५ अन्य घायल हो गए थे. इस दौरान आईएस द्वारा जलालाबाद में बुधवार को ब्रिटिश गैर सरकारी संगठन ‘सेव द चिल्ड्रन’ के मुख्यालय पर किए गए हमले में चार लोगों की मौत हो गई थी.

आईएस आतंकवादियों ने सोमवार को काबुल में एक सैन्यअड्डे पर हमला किया, जिसमें ११ जवान मारे गए थे. ट्रंप के सोमवार के बयान से तालिबान के साथ वार्ता पर अमेरिका के रुख को लेकर अस्पष्टता समाप्त हो गई. उदाहरण के लिए विदेश मंत्री रेक्स टिलरसन ने बीते अगस्त में कहा था कि अमेरिका बिना किसी पूर्व शर्त के अफगानिस्तान सरकार और तालिबान के बीच शांति वार्ता में सहयोग करेगा. हालांकि, ट्रंप ने भविष्य में विभिन्न परिस्थितियों में वार्ता की संभावनाओं का स्वागत किया हैं. ट्रंप ने पाकिस्तान के खिलाफ कदम उठाकर तालिबान के साथ संघर्ष का स्तर बढ़ा दिया हैं. अमेरिका ने पाकिस्तान पर आतंकवादी संगठनों की मदद करने का आरोप लगाया हैं. अमेरिका ने ऐलान किया था कि पाकिस्तान जब तक तालिबान का समर्थन करना जारी रखेगा, उसे दी जाने वाली एक अरब डॉलर से अधिक की राशि पर रोक जारी रहेगी| खबर एनडीटीवी इंडिया

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