सही तालमेल के लिए मोदी ने नेताओं से अधिक अफसरों पर किया भरोसा

मोदी

आज होगा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कैबिनेट का विस्तार. मिशन २०१९  से पहले मोदी कैबिनेट का ये आखिरी बड़ा विस्तार माना जा रहा हैं और इस विस्तार में प्रधानमंत्री ने राजनेताओं से ज्यादा पूर्व नौकरशाहों पर भरोसा दिखाया हैं क्योंकि ९ नए चेहरों में से ४ पूर्व नौकरशाह हैं. माना जा रहा है कि नौकरशाहों पर भरोसा कर मोदी ने एक तीर से दो निशाने साधे हैं.

मोदी आज जिन चेहरों को अपनी कैबिनेट में शामिल कर रहे हैं उनमें पूर्व गृहसचिव आर के सिंह, मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर सत्यपाल सिंह, डीडीए के पूर्व कमिशनर १९७९ बैच के आईएएस ऑफिसर अलफोंस कन्नाथन और रिसर्च एंड इंफोर्मेशन सिस्टम फॉर डेवलपिंग कंट्रीज के प्रेसिडेंट हरदीप सिंह पुरी शामिल हैं. इनमें से आर के सिंह बिहार के आरा से तो सत्यपाल सिंह यूपी के बागपत से बीजेपी के लोकसभा सांसद भी हैं. जबकि अलफोंस और हरदीप का सीधे सीधे राजनीति से कोई वास्ता नहीं.

मोदी ने जिस तरह अफसरों पर दांव खेला है उससे उनके दो मकसद पूरे हो रहे हैं. एक तो उनके मंत्रिमंडल में प्रशासनिक रूप से दक्ष लोगों की कमी पूरी होगी और क्योंकि इन चेहरों का लंबा प्रशासनिक अनुभव रहा हैं और अपनी-अपनी फील्ड में ये ज्यादा निपुणता रखते हैं, दूसरी ओर राजनेताओं के मुकाबले अफसरों को मंत्री बनाने का एक फायदा ये भी हैं कि अफसर अपने विभाग के नौकरशाहों से ज्यादा बेहतर तरीके से कनेक्ट हो पाते हैं और मोदी अपने मंत्रियों से जिस तरह के परिणाम की उम्मीद रखते हैं, वैसे रिजल्ट मंत्री और नौकरशाहों में तालमेल के बिना संभव नहीं हैं| खबर आजतक

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