मीडियाकर्मियों को मिलता हैं एक सांसद से भी ज्यादा वेतन : नरेश अग्रवाल

अग्रवाल

राज्यसभा सांसद और समाजवादी पार्टी के नेता नरेश अग्रवाल ने आज राज्यसभा में सांसदों के वेतन बढ़ोतरी का मुद्दा उठाया. सपा नेता ने जैसे ही इस मुद्दे को सदन के सामने उठाया, वैसे ही कई सदस्यों ने पार्टी लाइन से इतर इसका समर्थन किया. हालांकि, सभापति वेंकैया नायडू ने आश्वस्त किया कि वह इस मामले को सरकार के सामने रखेंगे. वेतन बढ़ोतरी का मामला उठाते वक्त नरेश अग्रवाल ने ये भी कहा कि सदन को मीडिया की आलोचना की चिंता नहीं करनी चाहिए, क्योंकि मीडियाकर्मियों को भी एक सांसद से ज्यादा वेतन मिलता हैं.

इसके जवाब में नायडू ने कहा कि यह गंभीर मामला हैं. संसदीय मामलों के पूर्व मंत्री होने के नाते, मैंने इसे पढ़ा हैं. मैं इस मुद्दे को सदन के नेता के समक्ष उठाऊंगा. अग्रवाल ने कहा की पूर्व सदस्य योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता वाली संसदीय समिति ने वेतन वृद्धि की सलाह दी थी और यह सलाह दी गई थी कि सातवें वेतन आयोग के मुताबिक वेतन में बढ़ोतरी की जानी चाहिए और कैबिनेट सचिव के वेतन से सांसदों का वेतन एक रुपये ज्यादा होना चाहिए.

बता दें कि इस मुद्दे को संसद के मानसून सत्र में भी उठाया गया था और सांसदों पर वेतन व भत्तों पर संयुक्त समिति ने २०१६ में इस संबंध में प्रधानमंत्री कार्यालय को प्रस्ताव भेजा था. प्रस्ताव में सांसदों के वेतन दोगुना करने का प्रावधान हैं. भत्ता और संसद अधिनियम, १९५४ के अनुसार, उनके कार्यकाल के दौरान सांसदों का मासिक वेतन ५० हजार रुपये हैं. कार्य पर रहने के दौरान इन्हें प्रतिदिन २ हजार रुपये का भत्ता दिया जाता हैं और यह दैनिक भत्ता इसके लिए तय रजिस्टर पर हस्ताक्षर करने के बाद दिया जाता हैं. इसके अलावा, सांसदों को प्रतिमाह ४५ हजार रुपये, निर्वाचन क्षेत्र भत्ता और ४५ हजार रुपये का कार्यालय संचालन भत्ता मिलता हैं. इन सब के अलावा, स्टेशनरी सामग्री व डाक खर्च के रूप में १५ हजार रुपये दिए जाते हैं| खबर एनडीटीवी इंडिया

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