सिर्फ इन लोगो की छोटी-मोटी ग़लती पर आयकर नहीं भेजेगा नोटिस

आयकर

आम आदमी के लिए आयकर रिटर्न फाइल करना आसान बनाने के लिए केंद्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया हैं. यह कदम न सिर्फ आपके लिए आईटीआर भरना आसान करेगा, बल्क‍ि इससे आपको आयकर विभाग की तरफ से आने वाले डिमांड नोटिस से भी राहत देगा. सीबीडीटी के चेयरमैन सुशील चंद्रा ने कहा कि अब से टैक्स भरने वालों को एक बड़ी राहत दी जाएगी. उन्होंने कहा कि अगर किसी के द्वारा आईटीआर फाइल किया गया हैं. आईटीआर में दी गई टैक्स जानकारी अगर आयकर विभाग के जमा किए गए डाटा से मैच नहीं करती हैं, तो ऐसे मौकों पर हर किसी को डिमांड नोटिस नहीं भेजा जाएगा. उन्होंने साफ किया कि आईटीआर और आयकर विभाग की तरफ से जमा किए गए डाटा में अगर छोटी-मोटी डिटेल अलग होती हैं, तो ऐसे लोगों को डिमांड नोटिस नहीं भेजा जाएगा.

चंद्रा ने बताया कि हालांकि कोई बड़ा मिसमैच होने पर प्रक्रिया के अनुसार एक्शन लिया जाएगा. उन्होंने कहा कि जिन मामलों में टैक्स चोरी की आशंका होगी, उन मामलों में प्रक्रियानुसार कार्रवाई की जाएगी. चंद्रा ने बताया कि ये नई व्यवस्था हाल ही के फाइनेंस बिल में की गई हैं. इस सुविधा का मकसद उन लोगों को राहत देना हैं, जो छोटे और वेतनभोगी टैक्सपेयर्स हैं. दरअसल यह सुविधा उन लोगों के सबसे ज्यादा काम आएगी, जिनके फॉर्म १६ और फॉर्म २६ एएस के बीच छोटा-मोटा मिसमैच होता हैं. सीबीडीटी चेयरमैन ने कहा कि एक नीतिगत फैसला लिया गया हैं.

इसके तहत छोटी-मोटी मिसमैच होने पर डिमांड नोटिस न भेजे जाने का फैसला लिया गया हैं. उन्होंने कहा कि हमें अपने टैक्सपेयर पर भरोसा हैं और इस सुविधा के जरिये हम उनके लिए आईटीआर भरना आसान बनाने की कोशिश कर रहे हैं. उन्होंने बताया कि यह नई सुविधा आने वाले असेसमेंट इयर के लिए रिटर्न फाइल करने वालों के लिए लागू होगी. बता दें कि २०१८-१९ असेसमेंट इयर १ अप्रैल से शुरू होगा.  मौजूदा समय में ये डिमांड नोटिस आयकर विभाग की सेंट्रल प्रोसेसिंग सेंटर के जरिये भेजा जाता हैं| खबर आजतक

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