जुआ और सट्टेबाजी हो सकती हैं वैध

जुआ

चाहे राजनीति का मंच हो या खेल का मैदान, लाख कोशिशों और उपायों के बावजूद सट्टेबाजी रोकी नहीं जा सकी हैं. क्रिकेट में एक-एक बॉल और चुनाव में एक-एक वोट पर जहां करोड़ों लुटा दीये जाते हैं तो लगता हैं कि अब इसे कानूनी वैधता दिए जाने की ओर एक कदम आगे बढ़ाने का समय आ गया हैं. बिना लाइसेंस के गुपचुप तरीके से सट्टेबाजी करने वालों पर सख्त सज़ा का प्रावधान भले ही हो लेकिन लाइसेंस धारी को सट्टेबाजी की कानूनी इजाजत दी जा सकती हैं. यानी सट्टेबाजी करो या ऑनलाइन जुआ खेलो, लेकिन सब कुछ सरकार की निगाहों में होना चाहिए और इन पर लगने वाला टैक्स सरकार को देना ज़रूरी होगा. सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद ऑनलाइन जुआ और सट्टेबाजी पर लॉ कमीशन जल्दी ही अपनी सिफारिशें सरकार को भेजने जा रहा हैं.

क्रिकेट में सट्टेबाजी की शिकायतों और मैचों पर इसके विश्वव्यापी असर को देखने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने इस तरह की पहल की हैं. क्रिकेट में सुधार और पारदर्शिता को लेकर जस्टिस आर एम लोढ़ा कमेटी की सिफारिशें आने के बाद तो सुप्रीम कोर्ट ने लॉ कमीशन से कहा था कि वो सट्टेबाजी को कानूनी रूप देने पर अपनी सिफारिशें तैयार करे. क्योंकि लोढ़ा कमेटी ने अपनी सिफारिशों में इस अवैध गोरखधंधे को रोकने का एक उपाय इसे कानून के दायरे में लाना भी सुझाया था. लॉ कमीशन के सूत्रों के मुताबिक जल्द ही आयोग इस बाबत अपनी सिफारिशों वाली रिपोर्ट सरकार को सौंप देगी.

आयोग ने इसके लिए आम जनता से भी सुझाव मांगे थे. आर्थिक और व्यावसायिक विशेषज्ञों के साथ भी चर्चा की थी. कुछ सर्वेक्षण भी कराए जिनमें कुछ सवालों के जवाब और ऑनलाइन सट्टेबाजी और जुए से जुड़े कुछ नुक्तों पर सुझाव और राय मांगी गई थी. उन सब का अध्ययन कर आयोग ने अपनी राय बना ली हैं. सूत्रों के मुताबिक इन उपायों से अवैध सट्टेबाज़ी से अरबों रुपये काले धन के लेनदेन पर न केवल रोक लगेगी बल्कि ऐसा करने वाले धंधेबाजों के रैकेट का पर्दाफाश कर उन्हें दंडित भी किया जा सकेगा. आयोग के एक अधिकारी का कहना हैं कि इसे कानूनी वैधता मिलने के बाद विदेशी कंपनियां भी भारत में आएंगी जिससे राजस्व में भी इजाफा होगा| खबर आजतक

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *