संसद के शीतकालीन सत्र में ‘तीन तलाक’ का कानून हो सकता हैं पास

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आज से संसद का शीतकालीन सत्र शुरू हो रहा हैं और पिछले तीन महीनों में गुजरात और हिमाचल प्रदेश के चुनाव प्रचार के दौरान जो राजनीतिक दलों में तल्खी दिखाई दी, उसका असर भी संसद में दिख सकता हैं. सरकार की कोशिश हैं कि वह अपने बिलों को जल्द पास करा सके. तो दूसरी तरफ विपक्ष के पास सरकार को घेरने के लिए मुद्दों की पूरी लिस्ट तैयार हैं. आपको बता दें कि १५ दिसंबर से ५ जनवरी तक चलने वाला यह सत्र मात्र २२ दिनों का होगा जिसमें अगर छुट्टियों को हटा दें तो संसद सिर्फ १४ दिनों तक ही चलेगा. गुरुवार को जब शीतकालीन सत्र से पहले बुलाए जाने वाली सर्वदलीय बैठक हुई तो विपक्ष ने अपना इरादा साफ कर दिया. इसलिए हंगामे के आसार ज्यादा हैं और काम होने के कम.

उम्मीद जताई जा रही हैं कि आज लोकसभा की कार्यवाही टीएमसी सांसद सुल्तान अहमद को श्रद्धांजलि देकर स्थगित हो सकती हैं. कांग्रेस समेत समूचा विपक्ष सरकार को संसद में घेरने को बेताब हैं. हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा गुजरात चुनाव प्रचार के दौरान पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के लिए किया गया कमेंट, ईवीएम, चुनाव आयोग के अलावा भी कांग्रेस के पास कई मुद्दे हैं जैसे मे :- मोदी का मनमोहन पर कमेंट, अमित शाह के पुत्र जय शाह का मामला, राफेल डील की खरीद पर सफाई, ईवीएम का मुद्दा, चुनाव के दौरान चुनाव आयोग का रुख, चुनाव के दौरान पाकिस्तान की एंट्री, मणिशंकर अय्यर के घर कथित सीक्रेट मीटिंग, गुजरात चुनाव के लिए शीतकालीन सत्र में देरी, राज्यसभा में शरद यादव और अनवर अली की सदस्यता को लेकर सवाल

एक तरफ विपक्ष सरकार को घेरेगा तो दूसरी तरफ सरकार भी चाहेगी कि वह अपने बिलों को पास करवाए. इस सत्र में सरकार कुल १४ बिल पेश कर सकती हैं, इनमें सबसे बड़ा नाम हैं तीन तलाक को लेकर पेश किए जाने वाले बिल का. इस बिल के प्रावधान के तहत तीन तलाक देने वाले व्यक्ति को तीन साल तक की सजा हो सकती हैं| खबर आजतक

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