भारत की अर्थव्यवस्था को बढ़ाने में क्रूज पर्यटन होगी सहायक : नितिन गडकरी

नितिन गडकरीसड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कल नई दिल्ली में “भारत में क्रूज पर्यटन के विकास के लिए कार्य योजना” पर आयोजित एक राष्ट्रीय कार्यशाला में कहा कि क्रूज पर्यटन दुनिया भर में पर्यटन उद्योग के सबसे तेजी से बढ़ते उद्योगों में से एक हैं. यह बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर ला कर भारतीय अर्थव्यवस्था का विकास करने वाला एक प्रमुख उद्योग हो सकता हैं.

इस कार्यशाला में संस्कृति और पर्यटन राज्यमंत्री डॉ महेश शर्मा और क्रूज पर्यटन को प्रभावित करने वाले मुद्दों से निपटने वाली नियामक एजेंसियों सहित सरकारी और निजी क्षेत्र के सभी हितधारक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया. इस बात को बताते हुए कि पर्यटन का रोजगार गुणक में सबसे अधिक निवेश हैं ओर नितिन गडकरी ने कहा कि औसत रूप से, क्रूज जहाज पर रोज़गार का सृजन ३ से ४ यात्रियों के लिए एक नौकरी का हैं. भारत में प्रति वर्ष ७०० क्रूज जहाजों के रख-रखाव की क्षमता हैं

जबकि इस साल केवल १५८ जहाजों का रख-रखाव हुआ. इसके अलावा १११ अंतर्देशीय जलमार्गों की परिवहन क्षमता का भी इस्तेमाल किया जाएगा और इस वर्ष के अंत तक दस अंतर्देशीय जलमार्गों के विकास के लिए कार्य शुरू हो जाएगा जिसमे गंगा और ब्रह्मपुत्र नदियाँ शामिल हैं जिन पर पहले से ही काम चालू हैं. नितिन गडकरी ने सभी राज्य सरकारों से यह अनुरोध किया कि वे अधिक से अधिक पर्यटकों का ध्यान आकर्षित करने के लिए विकास, पैकेजिंग और मार्केटिंग  द्वारा क्रूज पर्यटन को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायें.

शिपिंग मंत्रालय देश में क्रूज पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सभी सम्बंधित मंत्रालयों और सरकारी संगठनों के साथ सक्रिय रूप से कार्य कर रहा हैं. इस अवसर पर डॉ महेश शर्मा ने कहा की भारत तेजी से बढ़ता हुआ एक आकर्षक पर्यटक गंतव्य हैं और देश में क्रूज पर्यटन की पूरी क्षमता प्राप्त करने के लिए सभी हितधारकों द्वारा आपस में सहयोग करके मिलजुल के काम करने की जरूरत हैं.

पर्यटन सचिव रश्मि वर्मा ने कहा कि देश में क्रूज पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए शिपिंग और पर्यटन मंत्रालयों द्वारा एक साथ मिलकर काम करने से इस क्षेत्र से अधिकतम लाभ प्राप्त करने में मदद मिलेगी. उन्होंने क्रूज जहाज रख-रखाव के लिए सभी सरकारी संगठनों हेतु मानक परिचालन प्रक्रियाओं को तैयार करने के लिए कार्य किया।

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