सिल्वर स्क्रीन पे लाइफ टाइम पब्लिक देखती हैं कलाकारों को : मनोज बक्शी

-Harsh Raj

दशकों से बिखेर रहे हैं अपनी अदाकारी का रंग मनोज बक्शी बॉलीवुड फिल्म जगत की कई मशहूर फिल्मे जैसे बजरंगी भाई जान, जुनुनियत में दिखा चुके हैं अपनी अदाकारी 

शायद आपको बारहवी कक्षा से ही इस क्षेत्र में आने का रुझान रहा और आपने थिएटर्स से अपनी शुरुआत भी की तो कितनी कठिनाइयां आई आपके सामने अपने लक्ष्य को पाने में ?

रुझान तो मुझे इंटर से ही रहा पर पहले मैंने ग्रेजुएशन कम्पलीट की मेरे फादर कहते थे पहले एडुकेट हो लो क्यों की बाद में ये लाइन रिस्की होती हैं कभी इंसान सफल  होता हैं कभी नहीं भी होता तो मैंने ग्रेजुएशन तक पढाई की और हाफ ‘एल.एल.बी.’ और हाफ ‘एम.बी.ए.’ किया दोनों अधूरे रेह गए क्यों की मुझे जॉब भी करनी पड़ी कठिनाई ये आई की बाहर के लोग तो चलो हमसे मुकाबला करते हैं हमसे आगे निकलने की कोशिश करते हैं लेकिन इस लाइन में हमें घर वाले भी इजाज़त नहीं देते क्यों की आपको तत्काल पैसे नहीं मिलते दूसरे जॉब्स की तरह जहा आपको हर मंथ सैलरी मिलने लगती हैं और यहाँ पता नहीं कब मिलेगा कबतक मिलेगा कितना मिलेगा कोई निश्चित नहीं हैं ये कठिनाई बहुत आई अंदर से भी बाहर से भी दोनों का सामना करना पड़ा ।

हालही में आपने सलमान खान जी की सुपरहिट फ़िल्म बजरंगी भाई जान में काम किया उनके साथ काम करने का अनुभव कैसा रहा आपका ?

बहुत ही बढ़िया रहा जी और दिल खुश हो गया उनके साथ काम करके बिलकुल रॉयल इंसान हैं वो, किसी चीज़ का डर नहीं की सामने वाला एक्टर कैसा होगा कैसा नहीं उल्टा मेरी हेल्प कर रहे थे वो बहुत ही प्यार से बिहेव कर रहे थे वो मेरे साथ बड़ा मजा आया मुझे उनके साथ और साथ बैठ के खाने का मौका भी दिया उन्होंने ।

अबतक के आपके इस फ़िल्मी कैरियर में सबसे यादगार लम्हा कौन सा रहा और क्यों ?

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                             मनोज बक्शी जी कि अदाकारि के कुछ अंश यहा देखे

मेरा यादगार लम्हा वो रहा जब मैं यश जी की फ़िल्म ‘जब तक हैं जान’ के टाइम में शाहरुख खान जी के अगेंस्ट में मेरा रोल था और मैं अकेला आदमी था जो देल्ही से लंदन ब्रिटिश एयरवेज से गया था शूटिंग करने और वहा जो होटल था उसमे यश जी, कैटरिना कैफ, शाहरुख खा
न और पम्मी आंटी सब वही ठहरे हुए थे और हम लोग इकठे खाना खाते थे और मुझे ऐसा लगा की चलते चलते यश जी मुझे आशीर्वाद दे गए क्यों की उसके बाद ही उनकी डेथ हो गई इसका भी बहुत दुःख हैं ।

इस बॉलीवुड फ़िल्म इंडस्ट्री में आपका सबसे पसंदीदा कलाकार और आइडल व्यक्ति कौन रहा उनसे क्या कुछ सिखने को मिला आपको ?

अमिताभ बच्चन जी उनसे ये सीखा की फ़िल्म इंडस्ट्री में उनका बैकग्राउंड नहीं था कोई वो आउटसाइड से आए थे और उनकी लैंग्वेज भी डिफरेंट थी उनके आने से पहले राजेश खन्ना जी, राजेंदर कुमार जी, दिलीप साहब जितने भी हीरोज थे वो सभी बड़े ही नम्रता से बात करना अपने आपको स्क्रीन पे बखूबी रिप्रेजेंट करना लेकिन वो उत्तर प्रदेश का फ्लेवर लेके गए थे जो कुछ डिफरेंट था और वो एक एंग्री यंग मैन के हिसाब से था । सिखने को ये मिला की मुझे दो बार उनकी शूटिंग देखने का मौका मिला और उसमे मैंने ये देखा की यदि उनका टाइम 7 बजे का हैं तो करेक्ट 7 बजे ही उनकी एंट्री होती थी दूसरा मुझे तमीज सिखने को मिली इंतना बड़ा मेगास्टार होने के बावजूद लोगो से हम्बली बात करते हैं कोई उलटे सीधे डाइलोग अपनी फ़िल्म में नहीं बोलते एक तहजीब हैं उनके अंदर जिससे लोगो को बहुत प्रेरणा मिलती हैं मैं उन्हें सल्यूट करता हु ।

आपका व्यक्तित्व बड़े ही शांत स्वभाव का प्रतीत होता हैं क्या कभी किसी से अनबन हुई आपकी इस फ़िल्म इंडस्ट्री में आपके अभिनय या किसी किरदार को लेके ?

बिलकुल सही पकड़ा आपने वाक़ई काफी शांत स्वभाव का हु मैं जबतक पर्सनली मेरे साथ कोई दिक्कत नहीं होती हैं तब तक मैं एक्साइट नहीं होता और फ़िल्म में रोल को लेकर कभी कोई प्रॉब्लम नहीं हुई पर एक परेशानी ये रही की कभी कबार ये हुआ था मेरे साथ की रोल तो मैं निभा आता हु पैसे भी मिल जाते हैं पर जब वो सीन कट जाता था इसका बड़ा दुःख होता था ।

आजके इस युथ के बारे में क्या कहना हैं आपका क्या सुझाव देंगे आप आज की इस पीढ़ी को ?

आज की पीढ़ी को मैं देख रहा हु जैसे मुझे सोशल नेटवर्किंग साइट्स पे बहुत से लोग सवाल करते हैं की सर हमें भी फ़िल्म इंडस्ट्री में जाना हैं तो हमें कोई जुगाड़ बताइए कुछ लड़को को तो मैं कहता हु की जाओ थिएटर करो तो इसके बजाए वो मुंबई भाग जाते हैं फिर कहते हैं फ़िल्म सिटी के बाहर खड़ा हु कोई जुगाड़ लगवा दीजिए तो मैं ये कहता हु की जुगाड़ पे तो यहाँ बड़े बड़े स्टारों के बच्चे नहीं पाते क्यों की आपको जज कर रही हैं ऑडिन्स जो की सिर्फ आपका टैलेंट देख रही हैं ।

Manoj Bakshi (मनोज बक्शी) (5)

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कहा काम करना ज्यादा लुभाता हैं आप को छोटे पर्दे पे या सिल्वर स्क्रीन पे ?

  :- बड़े परदे पे काम करना ज्यादा पसंद हैं क्यों की एक बार आपने काम किया और लाइफ टाइम उसे लोग देखते हैं और छोटे परदे पे क्या हैं की एक लंबा समय जाता हैं और आप एक ही रोल में घुसे रहते हैं इसी लिए सिल्वर स्क्रीन ज्यादा पसंद हैं मुझे |

यहा मनोज बक्शी जी का लाइव इंटरव्यू सुने और देखें |

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