पुलिस वेरिफिकेशन से मुक्ति के साथ पासपोर्ट बनवाने के नियमों में बदलाव

पासपोर्ट बनवाने के नियमों

आपके लिए एक बेहद राहत भरी खबर हैं यदि आप पासपोर्ट बनवाने की सोच रहे हैं तो विदेश मंत्रालय ने अपने नए फैसले में पासपोर्ट बनवाने के नियमों में एक बड़ा बदलाव किया हैं. विदेश मंत्रालय के नए नियम के मुताबिक अब ‘पासपोर्ट बनवाने के नियमों’ के दौरान होने वाली शुरुआती पुलिस जांच को खत्म कर दिया गया हैं. नए नियमों के मुताबिक अब पुलिस जांच तब होगी, जब आवेदक के पास पासपोर्ट पहुंच जाएगा.

विदेश मंत्रालय ने पासपोर्ट बनवाने के नियमों में नया सिस्टम लागू किया हैं

इसके लिए कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा. विदेश मंत्रालय का मानना हैं कि नए नियम से पासपोर्ट बननेकी प्रक्रिया में तेजी आएगी. विदेश मंत्रालय ने सामान्य तौर पर पहली बार आवेदन करने वाले नागरिकों के लिए यह ‘आउट-ऑफ-टर्न पासपोर्ट’ पेश किया हैं. दरअसल मंत्रालय को पिछले दिनों शिकायत मिली थी कि पुलिस जांच में काफी समय लगता हैं, जिसकी वजह से पासपोर्ट जारी होने की प्रक्रिया भी धीमी होती हैं.

इसके अलावा मंत्रालय को यह भी शिकायत मिली थी कि जांच के बदले पुलिसकर्मी आवेदक से रिश्वत की मांग करते हैं. इसके बाद मंत्रालय ने पासपोर्ट बनवाने के नियमों में नया सिस्टम लागू किया हैं. इस योजना के तहत, तत्काल जरूरत का कोई प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करने की आवश्यकता नहीं होगी.

क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी भरत कुमार ने बताया कि अब पहले पासपोर्ट जारी कर दिया जाएगा और उसके बाद पुलिस जांच की प्रक्रिया होगी. उन्होंने बताया कि इस सिस्टम के लिए आवेदक से कोई अतिरिक्त चार्ज नहीं लिया जाएगा. भरत कुमार ने यह भी बताया कि यह सेवा केवल सामान्य माध्यम से ही आवेदन करने वाले नागरिकों को ही दी जाएगी, तत्काल माध्यम में यह सेवा नहीं दी जाएगी.

भरत कुमार ने बताया कि पासपोर्ट सेवा केंद्र पर जमा किए गए दस्तावेजों के आधार पर प्रभारी अधिकारी यह तय करेंगे कि आवेदन को तत्काल प्रक्रिया के तहत रखा जाए या सामान्य प्रक्रिया में. अगर दस्तावेज यह साबित करते हैं कि पासपोर्ट की तत्काल आवश्यकता हैं तो उसे तत्काल प्रक्रिया में रखा जाएगा. आवेदक अपने फॉर्म में यह बता भी शामिल कर सकते हैं कि उन्हें ‘आउट-ऑफ-टर्न’ स्कीम के तहत पासपोर्ट चाहिए| खबर वन इंडिया

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