नमाज़ पब्लिक प्लेस की बजाय मस्जिद या ईदगाह में पढ़ें : खट्टर

नमाज़
नमाज़ सार्वजनिक जगहों पर नहीं बल्कि

गुरुग्राम में सार्वजनिक स्थलों पर नमाज़ पढ़ रहे लोगों को हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं द्वारा भगाने के मामले में हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने चुप्पी तोड़ी हैं. खट्टर ने कहा कि नमाज़ सार्वजनिक जगहों पर नहीं बल्कि मस्जिद या ईदगाह में पढ़ी जानी चाहिए.

खट्टर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में पत्रकारों के इस मुद्दे पर पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए कहा कि कानून व्यवस्था को बनाए रखना सरकार का काम हैं. खुले में नमाज़ की घटनाएं आजकल बढ़ी हैं. नमाज़ मस्जिद या ईदगाह में पढ़ी जानी चाहिए, बजाय कि सार्वजनिक स्थलों के. खट्टर कल से इस्रायल और यूके के दौरे पर जा रहे हैं.

उन्होंने इसी की जानकारी देने के लिए प्रेसवार्ता बुलाई थी जिसमें पत्रकारों ने उनसे गुरुग्राम की घटना का जिक्र करते हुए सवाल पूछे थे. गौरतलब हैं कि गुरुग्राम में सार्वजनिक स्थलों पर नमाज़ पढ़ रहे लोगों को वहां से भगाने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था. बाद में कई अन्य जगहों पर ऐसी घटनाएं सामने आईं.

पुलिस ने एक हिंदू संगठन के कुछ लोगों को इस मामले में गिरफ्तार भी किया था. तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने ऐसी जगहों पर पुलिस तैनात कर दी हैं. खट्टर ने कहा कि जब तक किसी व्यक्ति को आपत्ति न हो सार्वजनिक स्थलों पर नमाज़ पढ़ने पर कोई आपत्ति नहीं, लेकिन जब किसी की शिकायत आए तो ऐसा नहीं करने दिया जाएगा.

खट्टर ने बताया कि वे ८ मई को इस्राइल में एग्रिटेक सेमिनार में हिस्सा लेंगे और इसके बाद यूनाइटेड किंगडम जाएंगे. उनका फोकस हरियाणा में निवेश लाना हैं. खट्टर के नमाज़ पर बयान के बाद माना जा रहा हैं कि गुरुग्राम सहित राज्य में सार्वजनिक स्थलों पर नमाज़ पढ़ने वाले लोगों को अब हतोत्साहित किया जा सकता हैं.

मनोहर लाल खट्टर ने विदेश दौरों पर

इजरायल और ब्रिटेन की यात्रा पर निकले हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने विदेश दौरों पर होने वाले सरकारी खर्च पर कहा कि हरियाणा की स्थिति पंजाब से बेहतर हैं, पंजाब तो समय पर वेतन देने में भी नाकाम हैं. अपने एक दिल्ली दौरे के हेलीकॉप्टर का खर्च ही चार लाख रुपए आ जाता हैं, इसलिए विदेश दौरे निजी हित में नहीं बल्कि प्रदेश हित में हैं.

पसंदीदा पर्यटन स्थल के बारे में पूछे जाने पर खट्टर ने कहा कि वह मृत सागर जरूर देखना चाहते हैं जहां आदमी अगर छलांग भी लगा दे तो डूबता नहीं हैं. गौरतलब हैं कि हरियाणा की बीजेपी सरकार के कामकाज के अब कुछ ही महीने बाकी हैं अगले साल राज्य में चुनाव हैं. मुख्यमंत्री अपने विदेश दौरों से निवेश हासिल करने के नाम पर अब तक १० देशों की यात्रा कर चुके हैं लेकिन हासिल कुछ नहीं हुआ हैं| खबर आजतक

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