देवेन्द्र कहते हैं फिल्म हो या सीरियल किरदार दमदार होना चाहिए

आज हमने साक्षात्कार किया हाल ही में रिलीज़ हुई अर्जुन कपूर की फिल्म ‘इंडियास मोस्ट वांटेड’ में ऑफिसर जावेद की भूमिका में दिखे देवेन्द्र मिश्रा का, देवेन्द्र इससे पहले कई टीवी शो के अलग अलग किरदारों में दिख चुके हैं. देवेन्द्र छोटे परदे पर किसी पहचान के मोहताज़ नहीं तो आगे पढ़े उन से हुई बात चित के कुछ अंश

देवेन्द्र
देवेन्द्र मिश्रा

फ़िल्म मोस्ट वांटेड के लिए आपको मशक्त करनी पड़ी या सिरिअल्स के बदौलत ?

फिल्म के लिए अलग से बहुत मेहनत करनी पड़ी यदि आप सीरियल कर रहे होते हो तो शायद आप फिल्म नहीं कर सकते क्योंकि सिरिअल की शूटिंग होती हैं तो आपको मना करना पड़ता है अगर आप फिल्म कर रहे होते हो तो चाहे छः महीने तक आपको बैठना पड़ जाए पर उस दौरान आप सीरियल नहीं ले सकते. पिछले साल फ्री था तो कोशिश करना सुरू किया फ्रेशेर्स की तरह जैसे स्ट्रगलर्स मुंबई आकर स्ट्रगल करते है उस तरह मैंने कोशिश की फिल्म के लिए और मेरी कोशिश रंग लाइ मेरा लक था और मुझे ये फिल्म मिल गई पर काफी मशक्त हुई इसके पीछे|

क्या अनुभव रहा पहली बार बड़े पर्दे पे काम करने का और फ़िल्म में काम कर के कैसा लगा ?

कोई भी मुंबई आता है तो बड़े पर्दे की बड़ी फिल्में देखकर उनके एक्टर से प्रभावित हो कर हीरो बनने आते हैं एक्टर बनना सपना रहता है. फिल्म बनाने का जो प्रोसेस होता है आपको पहले से स्क्रिप्ट दी जाती है आप उस कैरेक्टर पर रिसर्च करते हो उस किरदार को जीते हो. टीवी सीरियल में इतना समय नहीं मिलता कभी कभी तो ऐसा हो जाता है की आप कैमरे के सामने खड़े हो जाते हैं और तब आपको डाइलाग मिलते है. फिल्मो में आपको दो-तीन महीने पहले से स्क्रिप्ट मिली होती है आप उस पर रिसर्च कर चुके होते हैं बहुत ही अलग अलग और बहुत ही स्पेशल चीज हो जाती है वहा आप अपनी एक्टिंग को करते हुए इंजॉय कर सकते हो वह तीन चार महीने जो भी फिल्म के प्रोसेस में लगते हैं तो ज्यादा अच्छा लगता है. और जुबान पर जो स्वाद लगा है फिल्म में काम करने का वह भुला नही जा सकता|

देवेन्द्रफ़िल्म के लीड रोल में अर्जुन कपूर के साथ कैसा ताल मेल रहा आपका ?

अर्जुन भाई बहुत ही ज्यादा मेहनती इंसान है और उसके साथ उतने ही डाउन टू अर्थ है पूरी फिल्म के लगभग ६० दिन के शेड्यूल में हम साथ ही थे और कहीं पर भी उन्होंने फील नहीं होने दिया कि मेरी या फिर हमारी टीम के कुछ और लोगों के लिए ये फिल्म पहली हैं. वह बहुत ही अनुभवी हैं इस क्षेत्र में या हमसे सीनियर हैं ऐसा कभी फील नहीं होने दिया साथ उठाना बैठा बहुत सी चीजें शेयर करना मस्ती करना जोक्स करना और जहा कही किसी सीन में हम अटकते या कोई उलझन आती वहा गाइड भी किया उन्होंने. बेहद अच्छा लगा अर्जुन जी के साथ काम कर के और आगे भी उनके साथ काम करना चाहूंगा|

देवेन्द्रफ़िल्म के निर्देशक के बारे में क्या कहना हैं आपका काफी सफल फिल्मे दी हैं उन्होंने ?

लगभग नव साल पहले मेरा एक मित्र एक फिल्म की सीडी ले कर आया कहा की छोटी सी फिल्म है देखो, मैंने फिल्म देखी बहुत ज्यादा अच्छी लगी फिल्म का नाम हैं ‘आमिर’ फिल्म इस हद तक अच्छी लगी की उस फिल्म के डायरेक्टर का पता लगाया और उसके डायरेक्टर थे राजकुमार गुप्ता जी. वो दिन हैं और उस दिन से मेरे दिमाग में हमेशा से हैं की फिल्म करें तो इनके साथ करें ऐसे मतलब इतना रियल सिनेमा बनाने वाले व्यक्ति. उस दिन से मैं राज कुमार सर से बहुत ही ज्यादा प्रभावित रहा हूं फिर उनकी ‘नो वन किल्ड जेसिका’ देखि ‘घंचकर’ देखि और ‘रेड’ देखि. मेरा लक हैं की मैंने जो पहली फिल्म की जिससे मैंने डेब्यू किया वो राजकुमार गुप्ता जी की फिल्म हैं और मैंने इतने इम्पोर्टेन्ट रोल को प्ले किया हैं. राज कुमार सर की जितनी सराहना की जाये कम हैं और मेरे पास शब्द नहीं हैं उनके टैलेंट को बताने के लिए वो मोस्ट टैलेंटेड डायरेक्टर हैं|

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‘मोस्ट वांटेड’ फिल्म के सभी किरदार

फ़िल्म बॉक्स आफिस पे ज्यादा कमाल नही कर सकी इसपे क्या कहना हैं आपका ?

हर एक फिल्म का अपना नसीब होता हैं हम लोग साल भर जी-जान से लगे रहे इस फिल्म को बनाने में सैकड़ों लोगों की टीम थी फिल्म बनाने में खूब मेहनत की फिर फिल्म को मार्किट में लेकर आए क्रिटिक ने बहुत तारीफ की डायरेक्शन व राइटिंग की तारीफ की एक्टिंग की तारीफ की कुछ लोगों ने कहा कास्टिंग सबसे बेस्ट हुई हैं. ये सब हुआ फिल्म बॉक्स ऑफिस पर कमाल नहीं कर पाई इसकी कई सारी वजहे हो सकती है खैर मैं उन वजहों पे बात नहीं कर पाऊंगा क्योंकि ये मेरी पहली फिल्म हैं और मुझे इस तरह का कोई अनुभव नही हैं. अंततः दर्शक ही भगवान् हैं जिस फिल्म को वो चाहे सलेक्ट करेगी या जिसे चाहे रिजेक्ट करेगी लेकिन आज कल पैरामीटर चेंज हो चुके हैं बड़े पर्दे पर रिलीज हुई है लोग उस तरह से देखने नहीं पहुंचे अभी छोटे पर्दे पर भी फिल्म आनी है डिजिटल प्लेटफार्म पर भी आनी हैं क्या रिस्पांस होगा वह देखना है हम आशा करते हैं कि रिस्पांस बेटर ही होगा अच्छा ही होगा उसके बाद ही हम किसी  नतीजे पर पहुंच सकते हैं कि फिल्म कैसी है|

देवेन्द्रसीरिअल्स से शुरुआत की थी आपने और आगे क्या प्लान्स हैं फ़िल्म या सीरियल या वेब सीरीज ?

में उत्तर प्रदेश के लखनऊ और कानपुर के बीच के छोटे से कस्बे उन्नाव से हु बहुत ही मुश्किल आई यहाँ तक पहुंचने में मेरे पूरे खानदान में आज तक किसी ने उन्नाव के बाहर ज्यादा से ज्यादा लखनऊ या कानपुर उसके बाहर की दुनिया नहीं देखि और यहाँ जब मैं आया तो मेरे पास सिर्फ और सिर्फ एक ही चीज है जिसके दम से मैं अभी तक सरवाइव कर रहा हूं और वह चीज़ हैं  एक्टिंग वही है जिसको मैं बेच सकता हूं. मेरे पास और कोई ऑप्शन नहीं है मैं फैमिली वाला बंदा हूं और अभी तो मेरे परिवार में एक नए मेहमान की एंट्री हो चुकी है तो मुझे अपनी फैमिली को भी देखना हैं और साथ ही साथ अपने टैलेंट को भी दुनिया को दिखाना हैं तो मैं इस इन्तेजार में नहीं बैठ पाउँगा की फिल्म मिले तो ही मैं करूँगा ऐसा कुछ नहीं हैं चाहे फिल्म का माध्यम हो या सीरियल का माध्यम हो या वेब सीरीज हो जो भी काम आयेगा काम अच्छा होना चाहिए मुझे अच्छा लगना चाहिए और एक मजबूत किरदार होना चाहिए|

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